मुरैना दौरे पर पहुंचे करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने यूजीसी बिल के मुद्दे पर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि प्रशासनिक स्तर पर दमन की कार्रवाई की गई, तो इसका करारा जवाब दिया जाएगा।

छात्रों और अभिभावकों से दिल्ली पहुंचने की अपील

स्थानीय स्तर पर आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए शेखावत ने कहा कि यूजीसी बिल के प्रावधान सामान्य वर्ग के युवाओं के भविष्य के लिए नुकसानदेह साबित होंगे। इसे रोकने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को एकजुट होना होगा। उन्होंने आगामी 23 अगस्त को दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रव्यापी आंदोलन में शामिल होने के लिए छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को आमंत्रित किया।

इस बार नहीं होने देंगे हाउस अरेस्ट

आंदोलन की तैयारियों पर बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि इस बार प्रशासन उन्हें या उनके साथियों को पिछली मर्तबा की तरह नजरबंद (हाउस अरेस्ट) नहीं कर पाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी प्रदर्शन के लिए पहले ही पूरी कानूनी अनुमति प्राप्त कर ली गई है।

उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि दिल्ली कूच के दौरान सभी प्रतिभागी अपने माथे पर तिलक लगाकर और हाथों में भगवा झंडा थामकर पहुंचे, ताकि एकता का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दे सके।

वोट की ताकत दिखाने की चेतावनी

सत्ताधारी दल को आड़े हाथों लेते हुए करणी सेना प्रमुख ने कहा कि सामान्य वर्ग के मतदाताओं ने ही भाजपा को मजबूत स्थिति प्रदान की है। अब समय आ गया है कि समाज अपनी लोकतांत्रिक ताकत का अहसास कराए।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आने वाले समय में पंचायत, निकाय, विधानसभा और लोकसभा चुनावों में सामान्य वर्ग द्वारा राजनीतिक विरोध दर्ज कराया जाएगा और घर-घर जाकर इस पार्टी को वोट न देने का प्रचार किया जाएगा।