ग्वालियर से सबलगढ़ के बीच हाल ही में शुरू की गई मेमू ट्रेन सेवा को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों में अच्छा खासा उत्साह नजर आ रहा है। ट्रेन संचालन के दूसरे ही दिन अकेले सबलगढ़ रेलवे स्टेशन से कुल 226 टिकटों की बिक्री दर्ज की गई।

याद दिला दें कि इस रेल सेवा का शुभारंभ 18 अगस्त को कैलारस रेलवे स्टेशन से रेल मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा दोपहर 3:30 बजे सबलगढ़-वीरपुर रूट के लिए किया गया था। इस नई रेल सुविधा के पहले दिन सबलगढ़ स्टेशन से 40 टिकट बिके थे।

सुबह के वक्त ट्रेन न मिलने से यात्रियों को परेशानी

स्टेशन के आंकड़ों के अनुसार भले ही रुझान सकारात्मक हो, लेकिन समय-सारणी को लेकर यात्रियों की कुछ व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही हैं। सबलगढ़ रेलवे स्टेशन से सुबह 6 बजे से 10 बजे के बीच ग्वालियर की दिशा में जाने के लिए फिलहाल कोई ट्रेन उपलब्ध नहीं है।

इसी तरह कैलारस, जौरा और सुमावली की तरफ जाने वाले दैनिक यात्रियों को भी सुबह के समय आवागमन के लिए ट्रेन नहीं मिल पा रही है। इस वजह से क्षेत्रीय जनता द्वारा लगातार यह मांग उठाई जा रही है कि सबलगढ़ से सुबह 6 बजे एक फेरा शुरू किया जाए।

रनिंग रूम का अभाव और चालक-दल की मुश्किलें

विशेषज्ञों का मानना है कि सबलगढ़ से सुबह 6 बजे ट्रेन तभी संचालित हो सकती है जब रैक एक दिन पहले रात को वहीं रुके। इसके लिए लोको पायलट और गार्ड जैसे परिचालन कर्मचारियों के रात्रि विश्राम हेतु रनिंग रूम का होना अनिवार्य है।

झांसी रेल मंडल द्वारा अभी तक सबलगढ़ में रनिंग रूम का निर्माण नहीं कराया गया है। परिणामस्वरूप, ट्रेन के चालकों और गार्डों को बिना पर्याप्त विश्राम के ग्वालियर से वीरपुर तक का 232 किलोमीटर का लंबा सफर लगभग 10 घंटों में तय करना पड़ रहा है।

अस्थायी व्यवस्था और टाइम-टेबल बदलने का सुझाव

रेलवे की आय बढ़ाने और यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए स्थानीय स्तर पर एक अस्थायी रनिंग रूम तैयार करने का सुझाव दिया गया है। इसके तहत स्टेशन परिसर में ग्राउंड लेवल पर 20 गुणा 40 फीट के शेड के नीचे शौचालय, स्नानघर और आवश्यक फर्नीचर की व्यवस्था की जा सकती है।

इसके अतिरिक्त, वीरपुर से सुबह 7:40 बजे रवाना होकर दोपहर 12 बजे ग्वालियर पहुंचने वाली ट्रेन के मौजूदा समय को लेकर भी चर्चाएं हैं, और यात्रियों द्वारा इस रूट के टाइम-टेबल में संशोधन की मांग की जा रही है।