अंचल के किसानों और आम जनता से जुड़े शक्कर कारखाने के मुद्दे पर सियासत और जनआंदोलन दोनों तेज हो गए हैं। कारखाने के अस्तित्व को बचाने और किसानों के हक की लड़ाई लड़ रहे स्थानीय विधायक पंकज उपाध्याय का आमरण अनशन बुधवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। इस बीच आंदोलन को और अधिक आक्रामक बनाने के लिए कारखाना परिसर में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया।

महापंचायत में बनी आगामी रणनीति, 22 अगस्त को रहेगा मुरैना बंद

बुधवार को हुई इस महापंचायत में क्षेत्र के किसान, स्थानीय व्यापारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के नुमाइंदे और कई राजनीतिक दलों के नेता बड़ी संख्या में पहुंचे। सभी ने एक सुर में विधायक की मांगों का समर्थन किया। विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए आगामी 22 अगस्त को संपूर्ण मुरैना जिले को बंद रखा जाएगा। साथ ही, इस जनआंदोलन को अब हर गांव और गली तक ले जाने की रूपरेखा तैयार की गई है।

प्रमुख संगठनों और राजनीतिक दलों का मिल रहा समर्थन

कारखाने के समर्थन में उठी इस आवाज को लगातार मजबूती मिल रही है। महापंचायत के दौरान राष्ट्रीय किसान महासभा और अखिल भारतीय गन्ना किसान संगठन के पदाधिकारी पुष्पेंद्र त्यागी समेत गोहद के पूर्व विधायक मेवाराम जाटव ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस मौके पर ग्वालियर ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रभुदयाल जौहरी, समाजवादी पार्टी के नेता बीरबल कैम, मधुराज सिंह तोमर, मुरैना कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पूर्व शहर अध्यक्ष दीपक शर्मा सहित तमाम दिग्गज नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अनशन पर बैठे विधायक की सेहत में गिरावट

लगातार पांच दिनों से अन्न त्याग कर अनशन कर रहे विधायक पंकज उपाध्याय के स्वास्थ्य पर इसका असर दिखने लगा है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम ने उनके शिविर में पहुंचकर मेडिकल चेकअप किया। डॉक्टरों की जांच में सामने आया कि पिछले पांच दिनों के भीतर उनका वजन डेढ़ किलो तक घट चुका है। इसके अतिरिक्त, उनका ब्लड शुगर स्तर लगातार नीचे आ रहा है और ब्लड प्रेशर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चिकित्सीय दल उनकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है।