मुरैना जिले के जौरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने कैलारस शक्कर कारखाने को दोबारा शुरू कराने के लिए कड़ा कदम उठाया है। उन्होंने ऐलान किया है कि यदि कारखाना जल्द चालू नहीं किया गया, तो वे आगामी 15 अगस्त से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू करेंगे। इस आंदोलन में स्थानीय किसान और कारखाना बचाओ संघर्ष समिति के सदस्य भी उनके साथ शामिल होंगे।
किसानों से गन्ना उगाने की कराई गई थी अपील
विधायक ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शासन की ओर से किसानों को गन्ने की खेती करने के लिए कहा गया था और कारखाना शुरू करने का भरोसा दिलाया गया था। कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने कैलारस में पहुंचकर किसानों से गन्ने का उत्पादन करने की अपील की थी। यह घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम पर की गई थी, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी प्लांट को शुरू करने की बात कही थी।
सरकार के इस आश्वासन के बाद क्षेत्र के किसानों ने बड़े पैमाने पर गन्ने की फसल उगाई और इस वर्ष फसल पूरी तरह तैयार भी हो चुकी है। लेकिन इसके बावजूद सरकार की तरफ से कारखाना संचालन को लेकर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, जिससे किसानों में गहरी नाराजगी है।
एक दशक से अधिक समय से बंद पड़ा है कारखाना
उल्लेखनीय है कि कैलारस का यह शक्कर कारखाना पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से बंद स्थिति में है। साल 2025 में प्रदेश सरकार ने इस कारखाने को एमएसएमई (MSME) विभाग को सौंप दिया था। उस दौरान कारखाने पर किसानों और अन्य सहकारी समितियों की लगभग 61 करोड़ रुपये की देनदारियां बकाया थीं, जिनका भुगतान एमएसएमई द्वारा किए जाने का दावा किया गया था।
किसानों ने इस पूरी प्रक्रिया का उस समय भी विरोध किया था, लेकिन बाद में नेताओं के आश्वासन पर उन्होंने खेती करना स्वीकार कर लिया। अब जब फसल तैयार है, तो प्रशासन और सरकार की ओर से कोई सुध नहीं ली जा रही है।
हर चुनाव का मुद्दा, अब आर-पार की लड़ाई
पंकज उपाध्याय ने कहा कि यह शक्कर कारखाना हर चुनाव के दौरान केवल एक राजनीतिक मुद्दा बनकर रह जाता है, लेकिन धरातल पर इसे चालू करने के लिए कभी गंभीर प्रयास नहीं किए गए। किसानों को गन्ना उत्पादन के लिए प्रेरित करके उनके साथ वादाखिलाफी की गई है।
विधायक ने स्पष्ट कर दिया है कि अब सरकार के खिलाफ आंदोलन के अलावा कोई अन्य विकल्प शेष नहीं बचा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक कैलारस शक्कर कारखाना पूरी तरह से शुरू नहीं हो जाता, तब तक उनका यह संघर्ष और आंदोलन लगातार जारी रहेगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!