ग्वालियर। शहर में लगातार घटते जलस्तर और कमजोर मानसून के चलते पेयजल संकट गहराने लगा है। शहर की मुख्य जलापूर्ति का स्रोत तिघरा जलाशय तेजी से खाली हो रहा है। स्थिति को देखते हुए नगर निगम के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग ने 1 जुलाई से शहर में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई करने का प्रस्ताव तैयार किया है। हालांकि इस व्यवस्था को लागू करने से पहले मेयर इन काउंसिल (MIC) की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।

तिघरा में केवल 38 प्रतिशत पेयजल शेष

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार तिघरा जलाशय में वर्तमान में लगभग 62 प्रतिशत कुल जल संग्रह है, लेकिन इसमें से सिर्फ 38 प्रतिशत पानी ही पेयजल उपयोग के लिए उपलब्ध माना जा रहा है। यदि रोजाना की तरह जलापूर्ति जारी रही तो जुलाई के अंत तक जलाशय का जलस्तर गंभीर स्थिति में पहुंच सकता है।

पानी बचाने के लिए तैयार किया गया प्लान

नगर निगम का मानना है कि यदि शहर में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जाती है तो उपलब्ध पानी का उपयोग अधिक समय तक किया जा सकेगा। इससे तिघरा का पानी लगभग 2 अगस्त तक चलने की संभावना जताई जा रही है। इस दौरान अच्छी बारिश होने पर जलाशय में जलभराव बढ़ सकता है और स्थिति सामान्य हो सकती है।

कमजोर मानसून ने बढ़ाई चिंता

इस वर्ष जून के अंतिम सप्ताह तक भी अपेक्षित बारिश नहीं होने से तिघरा जलाशय में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाया है। यही कारण है कि नगर निगम को समय रहते जल संरक्षण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करना पड़ रहा है।

कई इलाकों में पहले से पानी की किल्लत

शहर के कई क्षेत्रों में पहले से ही जल संकट बना हुआ है। शिंदे की छावनी, घोसीपुरा, सिंधिया नगर, हनुमान घाटी, क्रेशर कॉलोनी, टावर कॉलोनी, किलागेट, आरामील, रेशम मिल, चंदनपुरा, गुड़ी-गुड़ा का नाका, आदित्यपुरम, शताब्दी पुरम, किला तलहटी, गिरवाई, मोतीझील और किशनबाग सहित कई इलाकों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। कई स्थानों पर नगर निगम टैंकरों से पानी उपलब्ध करा रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे जरूरत पूरी नहीं हो रही।

रहवासियों की चिंता

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई इलाकों में पहले से ही गंदे पानी और कम दबाव की समस्या बनी हुई है। ऐसे में यदि एक दिन छोड़कर पानी मिलेगा तो घरेलू जरूरतों को पूरा करना और अधिक मुश्किल हो जाएगा। वहीं कुछ क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि उनके यहां पहले से ही नलों में पानी नहीं पहुंचता और वे पूरी तरह टैंकरों पर निर्भर हैं।

जलाशयों की वर्तमान स्थिति

जलाशयउपलब्ध जलतिघरा62% (पेयजल योग्य 38%)पेहसारी64%ककैटो81%हरसी50%

क्या बोले नगर निगम आयुक्त?

नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने बताया कि उपलब्ध जल की स्थिति को देखते हुए एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई का प्रस्ताव एमआईसी को भेजा गया है। आगामी बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।