नोएडा की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्यरत ग्वालियर निवासी 22 वर्षीय समीर खान की घर लौटते समय ट्रेन से गिरने के कारण संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 11 जुलाई की सुबह विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में एजी ऑफिस पुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर उनका शव बरामद हुआ था। इस घटना के बाद बुधवार को उनके परिजनों ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए हत्या की आशंका व्यक्त की है।
घटनाक्रम और परिजनों के सवाल
आपागंज निवासी असलम खान के इकलौते पुत्र समीर ने नवंबर 2025 में नोएडा की एक प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी शुरू की थी। 10 जुलाई की रात वह दिल्ली से भोपाल एक्सप्रेस में सवार होकर ग्वालियर आ रहे थे। ट्रेन रात करीब 12:20 बजे ग्वालियर स्टेशन पहुंची, लेकिन समीर अपने घर नहीं पहुंचे। चिंतित परिजनों ने उसी रात रेलवे स्टेशन और जीआरपी थाने में उनकी तलाश शुरू की, पर कोई जानकारी नहीं मिल पाई।
अगले दिन, 11 जुलाई की सुबह, एजी ऑफिस पुल के नीचे रेलवे ट्रैक के पास समीर का शव मिला। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि समीर ट्रेन से गिर गए होंगे या जल्दबाजी में उतरने के प्रयास में दुर्घटना का शिकार हुए। हालांकि, परिजनों का तर्क है कि ट्रेन पहले ग्वालियर स्टेशन पर रुकती है, ऐसे में स्टेशन पार करने के बाद उनका एजी ऑफिस पुल तक पहुंचना बेहद संदिग्ध है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ट्रेन में किसी विवाद के चलते समीर को धक्का देकर नीचे फेंका गया हो सकता है।
अंतिम बातचीत और मोबाइल बंद होना
पिता असलम खान ने बताया कि रात करीब 10:40 बजे जब ट्रेन आगरा पहुंची थी, तब समीर से उनकी आखिरी बार बात हुई थी। इस बातचीत के बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया। परिजनों का कहना है कि स्टेशन पहुंचने से पहले ही फोन का बंद हो जाना और बाद में शव का मिलना, पूरे घटनाक्रम को और भी रहस्यमय बना देता है।
परिजनों ने पुलिस से समीर के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकलवाने, ट्रेन में सफर कर रहे सहयात्रियों से गहन पूछताछ करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!