ग्वालियर पुलिस ने डिस्क व्यवसायी विक्की यादव पर हुए जानलेवा हमले और अपहरण के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। इस घटना के दो फरार इनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिन पर दस-दस हजार रुपये का इनाम घोषित था। इन गिरफ्तारियों के साथ ही, इस बहुचर्चित मामले से जुड़े सभी आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।

क्या था पूरा मामला?

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 31 मई की रात को हुई थी। कोटेश्वर कॉलोनी निवासी डिस्क व्यवसायी विक्की यादव विनय नगर सेक्टर-4 स्थित पुलिस चौकी के पास अपने एक दोस्त का जन्मदिन मनाने गए थे। वहीं पर मुख्य आरोपी छोटू उर्फ सत्येंद्र कमरिया अपने साथियों के साथ पहुंचा और बातचीत के बहाने विक्की को अलग ले गया।

आरोप है कि छोटू कमरिया ने विक्की पर डिस्क के कारोबार में साझेदारी करने का दबाव बनाया। जब विक्की ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, तो आरोपियों ने उसका अपहरण कर लिया और उसे जबरन कार में बैठाकर विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में ले गए। वहां उन्होंने विक्की पर गोली चला दी। घटना के बाद पुलिस ने अपहरण और हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

फरार आरोपियों की धरपकड़ और सीन रीक्रिएशन

बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपी छोटू उर्फ सत्येंद्र कमरिया, रिंकू कमरिया, चेतन पांडे और प्रियांशु दुबे को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। सोनू यादव और राहुल यादव नामक दो आरोपी लगातार फरार चल रहे थे। इन दोनों की गिरफ्तारी पर दस-दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने गहन तलाश के बाद इन दोनों को भी पकड़ लिया है।

गिरफ्तारी के बाद, पुलिस दोनों आरोपियों सोनू यादव और राहुल यादव को पैदल ही घटना स्थल पर लेकर पहुंची। यहां पुलिस ने उनसे पूरी वारदात का क्रमवार सीन रीक्रिएशन करवाया, ताकि घटना के हर पहलू को समझा जा सके। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान दोनों आरोपी अपने किए पर पछतावा जाहिर करते हुए माफी मांगते दिखे।

सीएसपी कृष्णपाल सिंह ने पुष्टि की है कि फरार चल रहे दोनों इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले से जुड़े सभी अपराधी अब पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं। उन्होंने बताया कि अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही न्यायालय में चालान पेश किया जाएगा।