ग्वालियर के लक्ष्मीगंज इलाके में रहने वाले राजेश राजपूत ने सूदखोरों के चंगुल में फंसकर जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इस मामले में एक सनसनीखेज सुसाइड नोट सामने आया है, जिसमें कुछ लोगों के नाम और वित्तीय लेन-देन का जिक्र किया गया है। मृतक ने अपने नोट में प्रोपर्टी और फल कारोबारी मनोहर लाल भल्ला का भी उल्लेख करते हुए लिखा है कि उनके हिस्से के 55 लाख रुपए उसके बच्चों को दिलाए जाएं, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
कारोबारी मनोहर लाल भल्ला का पक्ष
सुसाइड नोट में नाम आने के बाद जब कारोबार से जुड़े मनोहर लाल भल्ला से बात की गई, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि राजेश राजपूत और माखन गुर्जर ने मिलकर बीना रिफाइनरी के पास एक जमीन का सौदा करवाया था। करीब छह करोड़ रुपए के इस सौदे में लगभग सवा करोड़ रुपए का कमीशन तय हुआ था। मनोहर का दावा है कि वे यह कमीशन की पूरी राशि करीब डेढ़ महीने पहले ही चुकता कर चुके हैं और उन्होंने रुपए माखन गुर्जर को सौंपे थे, जिस वक्त राजेश भी वहीं मौजूद था।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। राजेश के दो बेटे हैं, जिनमें से बड़े बेटे की शादी इसी साल जून के महीने में बहुत धूमधाम से की गई थी। वहीं, छोटा बेटा लखनऊ में रहकर नौकरी करता है। पिता के निधन की सूचना मिलने पर वह सोमवार रात को ग्वालियर पहुंचा, जिसके बाद ही परिजनों ने गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की।
राजनीतिक संबंध और भाई के गंभीर आरोप
मृतक का लक्ष्मीगंज स्थित घर पूर्व मंत्री के निवास के नजदीक था, जिसके चलते उनकी राजनीतिक हलकों में अच्छी पैठ मानी जाती थी। स्थानीय नजदीकियों के कारण ही वे किसान कांग्रेस प्रकोष्ठ के महामंत्री पद तक पहुंचे थे, हालांकि बाद में राजनीतिक समीकरण बदलने पर उन्हें कोई बड़ा दायित्व नहीं मिला। दूसरी ओर, मृतक के भाई रामहेत राजपूत ने आरोप लगाया है कि राजेश ने कुछ लोगों से डेढ़ करोड़ रुपए उधार लिए थे। इसके एवज में वे भारी-भरकम ब्याज वसूल रहे थे। भाई का कहना है कि वे मूलधन से कई गुना ज्यादा यानी करीब सात करोड़ रुपए चुका चुके थे, फिर भी सूदखोरों की प्रताड़ना कम नहीं हो रही थी।
रामहेत ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने करीब छह साल पहले ही राजेश को इन लोगों के साथ प्रोपर्टी का काम न करने की सलाह दी थी। उन्हें अंदेशा था कि यह लोग 10 से 20 प्रतिशत ब्याज वसूलकर लोगों को ब्लैकमेल करते हैं। जहर खाने के बाद जब राजेश एसपी कार्यालय पहुंचे थे, तब भी आरोपियों की तरफ से फोन आने का सिलसिला जारी था, जिसका पता मृतक के मोबाइल फोन से चला है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!