ग्वालियर नगर निगम की मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की एक महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को बाल भवन सभागार में आयोजित की गई। महापौर डॉ. शोभा सिकरवार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शहर के विकास कार्यों, निगम के राजस्व को बढ़ाने और कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया और उन्हें मंजूरी भी प्रदान की गई।

कर्मचारियों की पदोन्नति को मंजूरी

बैठक के दौरान, निगमायुक्त द्वारा प्रस्तुत अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति से संबंधित रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा हुई। गहन विचार-विमर्श के उपरांत, पदोन्नति संबंधी कार्रवाई को अंतिम रूप से पुष्टि कर दी गई। इस निर्णय से निगम के कई कर्मचारियों को लाभ मिलेगा और उनकी सेवा अवधि के अनुसार उन्हें उच्च पद प्राप्त होंगे।

राजस्व वृद्धि और करदाताओं को राहत

शहर के राजस्व को बढ़ाने के उद्देश्य से, 10 जुलाई 2026 को आयोजित विशेष राजस्व वसूली शिविर में संपत्ति कर और जल उपभोक्ता प्रभार की अग्रिम राशि जमा करने वाले उपभोक्ताओं को 6 प्रतिशत की विशेष छूट देने के प्रस्ताव को भी एमआईसी ने अपनी मंजूरी दे दी है। निगम प्रशासन का मानना है कि इस कदम से करदाताओं को आर्थिक राहत मिलेगी और साथ ही निगम के राजस्व संग्रह में भी वृद्धि होगी।

इसके अतिरिक्त, संपत्ति कर पर 6 प्रतिशत की छूट की अवधि को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया। यह छूट पूर्व में 30 जून तक प्रभावी थी, जिसे अब बढ़ाकर 31 अगस्त 2026 तक कर दिया गया है। इस प्रस्ताव को अंतिम निर्णय के लिए नगर निगम परिषद के समक्ष भेजा जाएगा।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

बैठक में फायर ब्रिगेड विभाग द्वारा विभिन्न शुल्कों को अद्यतन करने संबंधी एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था, लेकिन चर्चा के बाद इसे फिलहाल वापस लेने का निर्णय लिया गया।

ट्रांसपोर्ट नगर मार्ग क्रमांक-2 पर एमएम-30 ग्रेड सीसी सड़क निर्माण कार्य की समय-सीमा को 15 सितंबर 2026 तक बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। वहीं, कार्यपालन यंत्री श्रीकांत कांटे की पदोन्नति से संबंधित समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद, एमआईसी ने उनके सीलबंद लिफाफे को खोलने की अनुमति भी प्रदान कर दी।