ग्वालियर में शनिवार को इस्कॉन (ISKCON) द्वारा भगवान जगन्नाथ की एक भव्य रथयात्रा का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक आयोजन में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे पूरा शहर भक्ति और उत्साह के रंग में रंग गया। हरिनाम संकीर्तन और भजन-कीर्तन की गूंज से माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो उठा।

आकर्षण का केंद्र रहा भव्य रथ

यह रथयात्रा अपने साथ एक विशाल और आकर्षक रथ लेकर निकली, जो लगभग 42 फीट ऊंचा था और हाइड्रोलिक तकनीक से युक्त था। इस भव्य रथ को लगभग 200 किलोग्राम फूलों से सजाया गया था, जिसकी छटा देखते ही बन रही थी। रथ शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा, जिसमें जीवाजी क्लब मार्ग भी शामिल था, जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ पड़े।

रथ में भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलदेव और बहन सुभद्रा महारानी की मनमोहक प्रतिमाएं विराजमान थीं। श्रद्धालु भक्तिभाव से ओत-प्रोत होकर रस्सियों से रथ को खींचते हुए आगे बढ़ रहे थे। उनकी श्रद्धा और उत्साह देखते ही बन रहा था।

भक्ति के साथ स्वच्छता का संदेश

इस रथयात्रा की एक और खास बात यह थी कि रथ के आगे झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया गया। यह परंपरा दर्शाती है कि आध्यात्मिकता के साथ-साथ साफ-सफाई और पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। भक्तों ने इस पहल की सराहना की और इसे एक प्रेरणादायक कदम बताया।

रथयात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया। विदेशी भक्तों ने भी भारतीय संस्कृति और भक्ति में लीन होकर नृत्य और संकीर्तन किया, जिससे ग्वालियर की सड़कों पर एक अनूठा और मनमोहक दृश्य देखने को मिला। यह आयोजन शहर में धार्मिक सौहार्द और उत्साह का प्रतीक बन गया।