देश के अत्यंत सुरक्षित और संवेदनशील ठिकानों में गिने जाने वाले ग्वालियर के महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन पर एक बड़ी सुरक्षा चूक टल गई। चार अगस्त की रात यहां एक सनसनीखेज घटना घटी, जब आंध्र प्रदेश के एक निजी संस्थान में पढ़ाने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर ने एयरफोर्स स्टेशन के मुख्य गेट पर पेट्रोल से भरी बीयर की बोतल फेंक दी। इस उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में हुई इस हरकत से तमाम सुरक्षा एजेंसियों में तुरंत खलबली मच गई। हालांकि, मौके पर तैनात सतर्क सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को फौरन अपनी गिरफ्त में ले लिया।

इंटेलिजेंस एजेंसियों की लंबी पूछताछ और 'अपरिचित' जैसा बर्ताव

घटना के बाद आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो), डिफेंस इंटेलिजेंस और एयरफोर्स के खुफिया अधिकारियों ने आरोपी से लगातार चौबीस घंटे से अधिक समय तक मैराथन पूछताछ की। इस दौरान उसका रवैया बेहद असमंजस में डालने वाला रहा। पूछताछ करने वाले अधिकारी तब हैरान रह गए जब आरोपी दक्षिण भारतीय फिल्म 'अपरिचित' के मुख्य पात्र 'अम्बी' की तर्ज पर बार-बार अपने हाव-भाव और व्यक्तित्व बदलता नजर आया। वह कभी बहुत शातिर अपराधी की तरह बातें करता तो कभी एकदम बचकानी हरकतें करने लगता।

"एयरफोर्स ने इंसानी दिमाग को नियंत्रित करने वाला उपकरण तैयार किया है और वे लगातार मेरा दिमाग हैक कर रहे हैं।" - आरोपी द्वारा पूछताछ में किया गया निराधार दावा।

मानसिक असंतुलन की आशंका और मानसिक आरोग्यशाला में दाखिला

सुरक्षा अधिकारियों के सामने उसने कभी जातिगत उत्पीड़न का मुद्दा उठाया तो कभी देश की सीमाओं और सैन्य इलाकों में घूमने की बातें की। उसकी बदलती प्रवृति को देखते हुए विशेषज्ञों ने इसे मल्टीपल पर्सनालिटी डिसऑर्डर (एमपीड़ी) जैसी मानसिक स्थिति से जोड़ा है। चिकित्सा जांच के बाद उसे फिलहाल मानसिक आरोग्यशाला भेज दिया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका मूल्यांकन जारी है।

वाराणसी का रहने वाला है आरोपी, नोएडा से ली है उच्च शिक्षा

पुलिस और खुफिया तंत्र की तफ्तीश में सामने आया कि आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के वाराणसी का रहने वाला है। वह कुछ दिनों के अवकाश पर ग्वालियर आया था और शहर के ही एक गेस्ट हाउस में कमरा लेकर रुका हुआ था। चार अगस्त की रात उसने सुनियोजित तरीके से बीयर की बोतलों में पेट्रोल भरा और एयरफोर्स गेट के पास पहुंचा। घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद मुस्तैद जवानों ने उसे दबोचकर महाराजपुरा थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। शुरुआती पड़ताल में यह भी पता चला है कि उसने नोएडा से एमसीए के साथ-साथ बी-टेक और एम-टेक की डिग्रियां हासिल की हैं तथा देश के कई रक्षा व सामरिक महत्व वाले शहरों का दौरा कर चुका है।