ग्वालियर जिले में एक बार फिर खाकी पर गंभीर दाग लगा है। अपने पारिवारिक विवाद के समाधान के लिए पुलिस की मदद मांगने पहुंची एक 34 वर्षीय महिला ने एसटीएफ (STF) में तैनात इंस्पेक्टर आनंद कुमार पर डरा-धमकाकर और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर ग्वालियर महिला थाना पुलिस ने आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है और पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है।

थाटीपुर थाने में हुई थी पहली मुलाकात

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 में पीड़िता का अपने पति के साथ पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी सिलसिले में वह मदद की गुहार लगाने थाटीपुर थाने पहुंची थी। वहां उसकी मुलाकात तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर आनंद कुमार से हुई। महिला का आरोप है कि इंस्पेक्टर ने उसका मामला सुलझाने और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। इसी दौरान उसने बातचीत के बहाने महिला का मोबाइल नंबर ले लिया और लगातार संपर्क में रहने लगा।

कैंसर पीड़ित पत्नी का हवाला देकर किया यौन शोषण

पीड़िता ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि 10 अक्टूबर 2022 की रात करीब 11 बजे आरोपी आनंद कुमार थाटीपुर स्थित उसके किराए के कमरे पर आ धमका। जब महिला ने इतनी रात को आने पर आपत्ति जताई, तो उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। आरोपी ने महिला से कहा कि उसकी पत्नी कैंसर से पीड़ित है और कुछ समय बाद उसकी मृत्यु हो जाएगी। उसने पत्नी की मौत के बाद महिला से विवाह करने का झूठा आश्वासन दिया और इसी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया।

महिला का यह भी आरोप है कि इसके बाद आरोपी लगातार शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण करता रहा। उसने अपने एक परिचित आरक्षक के माध्यम से महिला के लिए दूसरा कमरा किराए पर दिलवाया और उसका सारा खर्च भी खुद ही उठाता रहा ताकि महिला उसके प्रभाव में बनी रहे।

विवाह का दबाव बनाने पर दी जान से मारने की धमकी

जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2025 तक आरोपी अधिकारी इस प्रकार के संबंध बनाता रहा। जब पीड़िता ने उससे अपने वादे के मुताबिक शादी करने के लिए जोर डाला, तो उसने साफ इनकार कर दिया। महिला का आरोप है कि शादी की बात उठाने पर उसे जान से मारने की धमकियां भी दी गईं।

तंग आकर और न्याय की उम्मीद में पीड़िता ने ग्वालियर महिला थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कानून सम्मत धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया गया है तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।