आईटीएमएस की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
ग्वालियर शहर में इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी आईटीएमएस के जरिए यातायात को नियंत्रित करने के दावे इन दिनों खोखले साबित हो रहे हैं। शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नल वाहन चालकों को लगातार असमंजस में डाल रहे हैं, जिससे सड़क पर सुरक्षा के बजाय भ्रम की स्थिति बन रही है।
हुरावली चौराहे पर एक साथ जल रही हैं तीनों लाइटें
मामला हुरावली चौराहे का है, जहां रविवार को ट्रैफिक सिग्नल की लाल, पीली और हरी—तीनों बत्तियां एक साथ जलती हुई पाई गईं। इस अजीब तकनीकी त्रुटि के कारण वहां से गुजरने वाले वाहन चालक खासे परेशान नजर आए और उन्हें समझ नहीं आया कि वे आगे बढ़ें या रुकें।
वाहन चालकों के मन में सबसे बड़ा डर ई-चालान कटने का है। लोगों का कहना है कि यदि रेड लाइट जलने के दौरान वे वाहन निकालते हैं, तो आईटीएमएस कैमरे के जरिए उनके खिलाफ ऑनलाइन चालान की कार्रवाई हो सकती है, जबकि सिग्नल खुद ही गड़बड़ अवस्था में हैं।
अन्य मार्गों पर भी मिल रही हैं सिग्नल खराब होने की शिकायतें
यह समस्या केवल एक चौराहे तक सीमित नहीं है। शहर के राजमाता चौराहा और न्यू हाईकोर्ट मार्ग पर भी ट्रैफिक सिग्नलों में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। ऐसे में वाहन चालकों को बिना किसी स्पष्ट संकेत के चौराहों को पार करना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शहरभर में स्मार्ट सिटी द्वारा कुल 31 ट्रैफिक सिग्नल संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से वर्तमान में 3 सिग्नल पूरी तरह बंद पड़े हैं। स्मार्ट सिटी प्रशासन ने आईटीएमएस के संचालन और रखरखाव का जिम्मा निधि इंटरप्राइजेज कंपनी को सौंप रखा है, और अब इसके ओएंडएम कार्य को नई कंपनी को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!