ग्वालियर में इंटरनेट मीडिया के जरिए आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल कर सामाजिक शांति और भाईचारे को प्रभावित करने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों में गहरा रोष व्याप्त है।

लालाराम खरे पर लगाया गया है गंभीर आरोप

सामने आई जानकारियों के मुताबिक, लालाराम खरे नामक व्यक्ति ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से एक बेहद आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित की थी। इस पोस्ट में एक मां के सम्मान के विरुद्ध अभद्र शब्दों का प्रयोग किया गया था और साथ ही भारतीय सेना के वीर जवानों को लेकर भी अपमानजनक बातें लिखी गई थीं।

सेना के अपमान और महिलाओं के असम्मान पर फूटा गुस्सा

इस प्रकार की पोस्ट वायरल होने के बाद महावाल्मीकि पंचायत के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। संगठन के सदस्यों का मानना है कि देश की सरहद पर पहरा देने वाले सैनिकों का अपमान और नारी शक्ति का अनादर कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसी हरकतों से समाज का माहौल खराब होने की आशंका बनी रहती है।

इस पूरे मामले को लेकर मध्य प्रदेश महावाल्मीकि पंचायत के प्रदेश अध्यक्ष सेतु नरवारे सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि उनकी माताजी और देश की रक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति जिस तरह की अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया गया है, वह सीधे तौर पर कानून और सामाजिक मर्यादाओं की धज्जियां उड़ाता है।

दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग

संगठन के प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन को इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा है। इसमें मांग की गई है कि साइबर सेल की मदद से इस पूरे प्रकरण की तकनीकी और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि जांच के दौरान आरोप सही साबित होते हैं, तो आरोपी लालाराम खरे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाए।