ग्वालियर अंचल के कुलैथ स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक आस्था का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और बहन सुभद्रा की प्रतिमाएं विराजमान हैं, जिनकी परंपरा ओडिशा के प्रसिद्ध श्रीजगन्नाथ धाम, पुरी से प्रेरित मानी जाती है।
पुरी की तर्ज पर रथयात्रा की परंपरा
सदियों से इस पवित्र स्थान पर पुरी की भांति ही भव्य रथयात्रा का आयोजन किया जाता रहा है। इस दौरान भगवान नगर भ्रमण पर निकलते हैं और हजारों की संख्या में श्रद्धालु रथ खींचकर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं, ऐसी यहां की मान्यता है।
श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब
गुरुवार को आयोजित हुई इस वर्ष की रथयात्रा में भक्तों का उत्साह चरम पर था। भगवान के दर्शन और रथ खींचने की लालसा में इतनी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए कि प्रमुख मार्ग पूरी तरह से भर गए।
भीड़ इतनी अधिक थी कि कई महिलाओं और बुजुर्गों को सड़कों पर जगह नहीं मिल पाई। ऐसे में उन्होंने आसपास के घरों की छतों और बालकनियों से प्रभु जगन्नाथ के अलौकिक दर्शन किए, जिससे यात्रा का उल्लास और भी बढ़ गया।
यह दृश्य कुलैथ की गहरी धार्मिक आस्था और भगवान जगन्नाथ के प्रति भक्तों की अटूट श्रद्धा को दर्शाता है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!