ग्वालियर जिले में कर्ज के दलदल और सूदखोरों की भारी प्रताड़ना का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कांग्रेस के जिला महामंत्री और प्रापर्टी कारोबारी ने सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। तबीयत बिगड़ने पर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत जयारोग्य अस्पताल के एक हजार बिस्तर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

एसपी दफ्तर पहुंचे थे राजेश किरार

घटना की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान लक्ष्मीगंज निवासी करीब 48 वर्षीय राजेश राजपूत यानी राजेश किरार के रूप में हुई है। वे सोमवार दोपहर करीब 12 बजे अपने घर से सीधे एसपी कार्यालय पहुंचे थे। सीएसपी रॉबिन जैन के अनुसार, शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि राजेश ने एसपी ऑफिस परिसर में आने से ठीक पहले ही किसी जहरीली वस्तु का सेवन कर लिया था।

जेब से बरामद हुआ सुसाइड नोट

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मृतक की तलाशी ली तो उनकी पेंट की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। इस नोट में कुल नौ लोगों के नाम दर्ज हैं, जिन पर मूलधन से कई गुना भुगतान करने के बाद भी लगातार ब्याज वसूलने के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।

सुसाइड नोट में पप्पू, कालीचरण, रामकुमार घुरैया, भारत गुर्जर, दर्शन, विक्रम गुर्जर, रुस्तम सिंह गुर्जर, राजेंद्र सिंह गुर्जर और कुलदीप यादव के नाम लिखे गए हैं।

परिजनों का अस्पताल में हंगामा

सुसाइड नोट में लिखा गया है कि इन लोगों से पैसे उधार लिए गए थे और मूल रकम से ज्यादा चुकाने के बाद भी वे लोग लगातार ब्याज मांग रहे थे तथा सरेआम अपमानित करते थे। मौत की दुखद खबर मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और कांग्रेसी कार्यकर्ता अस्पताल पहुंच गए और जमकर हंगामा किया।

परिजनों ने पुलिस को बताया कि आरोपी आए दिन घर आकर धमकी देते थे और मारपीट करने पर उतारू हो जाते थे। इसी निरंतर उत्पीड़न से तंग आकर उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है और उसमें उल्लेखित सभी नौ आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आरंभ कर दी है।