ग्वालियर के नेशनल हाईवे-44 पर स्थित बिजौली इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां सड़क के किनारे बनी झाड़ियों के बीच से एक अधेड़ व्यक्ति का सड़ा-गलत शव बरामद हुआ है, जिससे स्थानीय स्तर पर सनसनी फैल गई। लाश करीब दो से तीन दिन पुरानी बताई जा रही है, जो पूरी तरह डिकंपोज हो चुकी थी।

दुर्गंध आने पर चला पता, बिखरे मिले कपड़े और जूते

घटना का खुलासा तब हुआ जब हाईवे से गुजर रहे राहगीरों और वाहन चालकों को झाड़ियों की तरफ से तीव्र दुर्गंध महसूस हुई। पास जाकर देखने पर वहां एक क्षत-विक्षत शव दिखाई दिया। तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जब घटनास्थल का मुआयना किया, तो हालात काफी संदिग्ध नजर आए। मृतक का शव जहाँ था, उससे कुछ दूरी पर उसकी शर्ट, पेंट और जूते अलग-अलग स्थानों पर पड़े मिले।

बेहट गांव का रहने वाला था मृतक, 7 अगस्त से था लापता

पुलिस के बुलाने पर मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान 55 वर्षीय कल्याण जाटव पुत्र लच्छी राम जाटव के रूप में की है, जो कि ग्राम बेहट के रहने वाले थे। परिजनों ने बताया कि कल्याण गत 4 अगस्त को मजदूरी करने और अपनी एक रिश्तेदारी के सिलसिले में बिजौली आए थे। चूँकि उनका इस तरह आना-जाना लगा रहता था, इसलिए शुरुआत में परिवार ने चिंता नहीं की। हालांकि, जब वे तय समय पर घर नहीं लौटे और उनकी कोई खोज-खबर नहीं मिली, तो आखिरकार 7 अगस्त को परिजनों ने बिजौली थाने पहुंचकर उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

मामले की नजाकत को भांपते हुए पुलिस ने फौरन फॉरेंसिक एक्सपर्ट कोक सिंह और उनकी टीम को घटनास्थल पर तलब किया। विशेषज्ञों ने मौके से जरूरी साक्ष्य संकलित किए हैं। पुलिस का कहना है कि यह हत्या का मामला है, कोई सड़क हादसा है या फिर मौत की कोई और वजह, इसका आधिकारिक खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।