ग्वालियर अंचल में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पड़ाव थाना क्षेत्र की पुलिस ने हवाई जहाज के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले 'ओजी गांजा' की आपूर्ति करने वाले एक सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
लोकल तस्कर से मिला था अहम सुराग
इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत 8 अगस्त को हुई थी। पुलिस ने कोषालय के पास स्थित एक खंडहरनुमा जगह से स्थानीय तस्कर सूरज श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से दो किलो और आठ सौ ग्राम गांजा बरामद किया गया था। थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव और उप निरीक्षक दिनेश सिंह तोमर द्वारा की गई कड़ी पूछताछ में सूरज ने दिल्ली के मुख्य सप्लायर का राज खोला था।
दिल्ली के पालम में 48 घंटे चली घेराबंदी
स्थानीय आरोपी से मिले सुराग के आधार पर ग्वालियर पुलिस की एक विशेष टीम को तुरंत राजधानी दिल्ली रवाना किया गया। एसआई दिनेश तोमर के साथ प्रधान आरक्षक श्रुति श्रीवास्तव, आरक्षक आकाश, अंकित और अभिषेक की टीम ने दिल्ली के पालम क्षेत्र में डेरा डाला। लगातार दो दिनों यानी 48 घंटे के गोपनीय ऑपरेशन के बाद पुलिस ने मुख्य सप्लायर प्रिंस उर्फ आर्यन जायसवाल को धर दबोचा।
पकड़ा गया मुख्य आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर का रहने वाला है और वर्तमान में नई दिल्ली के उत्तम नगर वेस्ट इलाके में रह रहा था। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचने के लिए यह गिरोह ट्रेन या सड़क मार्ग के बजाय सीधे विमान से गांजे की खेप एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजता था।
अन्य साथियों की तलाश में जुटी पुलिस
गिरफ्तार तस्कर प्रिंस ने पुलिस को बताया है कि दिल्ली में उसके नेटवर्क से जुड़े पांच अन्य लोग भी सक्रिय हैं। यह गिरोह देश के विभिन्न हिस्सों में केवल 'ओजी गांजा' की ही सप्लाई करता है। ग्वालियर पुलिस के दबिश देने और साथी के पकड़े जाने की भनक लगते ही गिरोह के बाकी सदस्य भूमिगत हो गए हैं।
मामले की पुष्टि करते हुए ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि दिल्ली से पकड़े गए मुख्य तस्कर को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!