ग्वालियर शहर में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक वीभत्स घटना प्रकाश में आई है। यहां एक दुकान के बाहर धूप से बचने के लिए बैठी फीमेल स्ट्रीट डॉग को बेरहमी से लोहे की रॉड से पीट-पीटकर मार डाला गया। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक स्थानीय दुकानदार और उसके कर्मचारी को आरोपी बनाया है।
पैर बांधकर सिर पर किए गए घातक वार
यह घटना 17 अगस्त को दोपहर लगभग तीन बजे कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली दही मंडी इलाके में चेला जी का अखाड़ा के नजदीक हुई। समाजसेविका बबीता शर्मा को जब इस घटना की सूचना मिली कि एक श्वान लहूलुहान अवस्था में मृत पड़ी है, तो वह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने देखा कि मृत फीमेल डॉग के चारों पैर रस्सी से कसे हुए थे और उसके सिर से लगातार खून बह रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह मूक प्राणी अमूमन दोपहर की तेज धूप से राहत पाने के लिए पंकज रस्तोगी नामक दुकानदार की दुकान के साए में बैठ जाती थी। आरोप है कि इसी बात से खफा होकर दुकानदार पंकज ने अपने एक अन्य कर्मचारी के साथ मिलकर उस बेजुबान को पहले रस्सी से जकड़ा और फिर लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ वार कर उसकी जान ले ली।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हड्डियों के टूटने की पुष्टि
वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मृत श्वान के शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी की। इसके बाद पशु चिकित्सक से उसका पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें शरीर की कई पसलियां व हड्डियां टूटने के साथ सिर पर गंभीर चोट लगने की बात सामने आई। पोस्टमार्टम के बाद बबीता शर्मा तथा अन्य स्थानीय लोगों की मौजूदगी में पूरे विधि-विधान से उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
दुकानदार और उसके साथी पर दर्ज हुआ मुकदमा
कोतवाली थाना सर्किल की सीएसपी किरण अहिरवार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दही मंडी क्षेत्र में छांव में बैठने को लेकर एक स्ट्रीट डॉग की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एनिमल लवर की औपचारिक शिकायत पर मुख्य आरोपी दुकानदार पंकज रस्तोगी और उसके सहयोगी कर्मचारी के विरुद्ध सुसंगत धाराओं और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस मौके से सबूत एकत्रित कर आगे की कानूनी जांच में जुटी हुई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!