ग्वालियर अंचल में लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बने दहेज प्रताड़ना के एक मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने पिछले आठ वर्षों से फरार चल रहे आरोपी पिता और पुत्र को धर दबोचा है। दोनों आरोपी कानून की पकड़ से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने और पहचान बदलकर गुजरात के विभिन्न शहरों में रह रहे थे।

महिला सुरक्षा डीएसपी शिखा सोनी ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि एक नवविवाहिता की शिकायत के आधार पर महिला थाने में उसके पति मंगल सिंह उर्फ पुतुआ राजावत और ससुर सुरेश सिंह राजावत के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप लगाया गया था कि ये दोनों दहेज में नकदी और कार की मांग को लेकर विवाहिता को लगातार शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना दे रहे थे और बाद में उसे घर से बाहर निकाल दिया था।

जमानत के बाद से चल रहे थे फरार

मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और वे कुछ समय तक जेल में भी रहे। हालांकि, अदालत से जमानत मिलने के बाद से ही वे फरार हो गए और अदालत में पेश नहीं हुए। पिछले आठ वर्षों से स्थानीय पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही थी, लेकिन शातिर तरीके से ठिकाने बदलने के कारण वे हर बार पुलिस की पकड़ से दूर रहने में कामयाब हो जाते थे।

एक कार्ड ने खोला राज और भिंड में बिछाया जाल

फरार आरोपियों की टोह लेने के लिए पुलिस की एक विशेष टीम ने पिछले चार दिनों तक गुजरात में डेरा डाला हुआ था। जब पुलिस टीम उनके संभावित पते पर पहुंची, तो वे वहां नहीं मिले। हालांकि, गहन तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ एक पारिवारिक कार्यक्रम का निमंत्रण कार्ड लगा, जिस पर भिंड का पता अंकित था। इसी एक सुराग को आधार बनाते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और सोमवार की रात भिंड में दबिश देकर दोनों को धर दबोचा।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे गिरफ्तारी से बचने के लिए कुछ ही महीनों में अपने ठिकाने बदल देते थे। वे कई सालों बाद पहली बार किसी पारिवारिक समारोह में शामिल होने अपने गृह क्षेत्र पहुंचे थे, जहां पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। अब पुलिस इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि इन आठ वर्षों की फरारी के दौरान किन-किन लोगों ने इन्हें शरण दी और आर्थिक मदद पहुंचाई।

इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली विशेष टीम में महिला थाना प्रभारी रश्मि भदौरिया, एएसआई संतपाल सिंह, वीर सिंह राजावत, प्रधान आरक्षक असीम कृष्ण यादव, मुकेश यादव, आरक्षक अंकुर शर्मा, राजदीप जाट और महिला आरक्षक काजल जादौन शामिल रहे। पुलिस मंगलवार को दोनों आरोपियों को सक्षम न्यायालय में पेश करेगी।