योजना की अंतिम किश्त के लिए मांग रहा था घूस
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि की अंतिम किश्त जारी करने के एवज में रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक ग्राम रोजगार सहायक को रंगे हाथों धर दबोचा। आरोपी लंबे समय से किश्त जारी करने के नाम पर आनाकानी कर रहा था और इसके बदले पैसों की मांग की जा रही थी।
डबरा तहसील के ग्रामीण ने की थी शिकायत
ईओडब्ल्यू के पुलिस अधीक्षक दिलीप सिंह तोमर ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि डबरा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम सागरपुरा बाबूपुर निवासी अजय कुशवाह ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदक के अनुसार उनके पिता कैलाश कुशवाह के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत हुआ था, जिसके निर्माण कार्य की अंतिम किश्त रोकी गई थी।
इस किश्त को खाते में डलवाने के लिए लिधौरा पंचायत के ग्राम रोजगार सहायक सोनू शर्मा द्वारा आठ हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। काफी मिन्नतों के बाद यह सौदा पांच हजार रुपये में तय हुआ था, जिसके बाद पीड़ित ने मामले की सूचना ईओडब्ल्यू को दी।
लिधौरा पंचायत भवन में बिछाया गया जाल
शिकायत मिलने के बाद ईओडब्ल्यू ने पूरी योजना के तहत तकनीकी सत्यापन कराया। जांच में मामला सही पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। योजना के तहत मंगलवार को ईओडब्ल्यू की टीम ने ग्राम पंचायत लिधौरा के भवन में दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी सोनू शर्मा को पांच हजार रुपये थमाए, पहले से सतर्क बैठी ईओडब्ल्यू की टीम ने उसे दबोच लिया। मौके पर रासायनिक घोल से हाथ धुलवाए जाने पर रंग बदलने से रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। इसके बाद अधिकारियों ने नकदी जब्त कर आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!