ग्वालियर में नशा कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्थानीय पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पड़ाव थाना क्षेत्र के अंतर्गत कोषालय के पास स्थित एक खंडहर में दबिश देकर पुलिस ने अंतर्राज्यीय गांजा तस्कर गिरोह के एक शातिर सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से पुलिस ने 2 किलो 8 ग्राम अत्यंत मूल्यवान ओजी गांजा और अवैध तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक कार जब्त की है।

आधी रात को खंडहर के पास की गई घेराबंदी

पड़ाव थाना प्रभारी शैलेन्द्र भार्गव के मुताबिक, शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 2 से 3 बजे के बीच मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक तस्कर भारी मात्रा में मादक पदार्थ की डिलीवरी देने के लिए आ रहा है। इस सूचना के आधार पर पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक विशेष दल का गठन किया गया और बताए गए स्थान पर दबिश दी गई। पुलिस वाहनों को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, जिसे सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दबोच लिया। इसके बाद उसकी कार की तलाशी लेने पर प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद हुआ।

कर्नाटक से हाइड्रोपोनिक तकनीक से तैयार होता है 'ओजी गांजा'

पुलिस पकड़ में आए आरोपी की पहचान ललितपुर कॉलोनी निवासी सूरज श्रीवास्तव (35) पुत्र ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन की वाट्सएप चैट खंगालने पर पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। जांच में सामने आया कि यह गिरोह सामान्य मादक पदार्थों की बजाय कर्नाटक में अत्याधुनिक हाइड्रोपोनिक तकनीक यानी बिना मिट्टी के केवल पानी और नियंत्रित वातावरण में उगाए जाने वाले महंगे 'ओजी गांजा' की सप्लाई करता था।

फ्लाइट के जरिए मंगाई जाती थी खेप और नेटवर्क की तलाश जारी

चैट के विश्लेषण से खुलासा हुआ कि इस उच्च कोटि के नशे को महानगरों और स्थानीय स्तर पर खपाने के लिए हवाई जहाज के माध्यम से ट्रांसपोर्ट किया जाता था। इस प्रकार के गांजे की कीमत बाजार में लगभग 7 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक होती है। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स की मदद से इस अंतर्राज्यीय रैकेट के अन्य सदस्यों तथा सरगनाओं की तलाश में जुटी हुई है।