सैंपल लेने से पहले ही सड़क पर चला दी मशीनें
ग्वालियर में खराब सड़कों की गुणवत्ता की जांच को लेकर चल रही न्यायिक प्रक्रिया के बीच एक हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया है। बेटी बचाओ चौराहा से गुड़ा-गुड़ी का नाका जाने वाले रोड नंबर-7 का सैंपल 19 अगस्त को निकाला जाना तय किया गया था। लेकिन, निर्धारित तिथि से ठीक पहले नगर निगम ने मौके पर मशीनें लगवाकर सड़क का हिस्सा उखाड़ दिया।
याचिकाकर्ता अवधेश सिंह तोमर के माध्यम से यह जानकारी सोमवार शाम को अदालत के संज्ञान में लाई गई। नगर निगम के वकील गौरव मिश्रा ने भी कोर्ट में मशीनें लगाकर सड़क पर काम किए जाने की बात स्वीकार की, जिसके बाद अदालत ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद आपत्तिजनक माना।
निगम कमिश्नर को अदालत में होना पड़ा पेश
सड़क उखाड़े जाने की बात सामने आने पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए नगर निगम कमिश्नर संघ प्रिय को तुरंत तलब किया। कमिश्नर ने सफाई दी कि सोशल मीडिया पर सड़क की बदहाली का वीडियो देखने के बाद उन्होंने व्हाट्सएप के जरिए इंजीनियर को गड्ढे भरकर मार्ग को चलने योग्य बनाने के निर्देश दिए थे।
इस पर अदालत ने कड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि जो सड़क पिछले एक साल से खराब पड़ी थी, उसकी सुध ठीक उसी वक्त क्यों ली गई जब वह सैंपलिंग के लिए चुनी जा चुकी थी। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि यदि मरम्मत इतनी ही जरूरी थी, तो अदालत से पूर्व अनुमति क्यों नहीं ली गई।
लैब संचालक ने भी जांच से पीछे खींचे हाथ
इस पूरे मामले में एक और पेच तब फंस गया जब सड़कों की गुणवत्ता जांचने के लिए तय की गई तीसरी प्राइवेट लैब के संचालक ने आगे आने से मना कर दिया। लैब संचालक ने कुछ अज्ञात लोगों के दबाव का हवाला देते हुए जांच प्रक्रिया में शामिल होने से साफ इंकार कर दिया है।
हाईकोर्ट ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ लोग जनहित के विरुद्ध जाकर संभवतः गलत काम करने वालों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे लोगों का फैसला ग्वालियर की जनता को करना चाहिए। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अब निर्देश दिए गए हैं कि सैंपल लेते समय ऊपरी एक फीट का हिस्सा हटाकर उसके नीचे से नमूना एकत्रित किया जाए।
कमिश्नर का मोबाइल जांच के दायरे में और राहत वापस
अदालत ने नगर निगम कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि सड़क से जुड़े सभी वीडियो, फोटो और निर्देश उनके मोबाइल में सुरक्षित रहने चाहिए। चेतावनी दी गई है कि यदि डेटा से कोई छेड़छाड़ या डिलीट किया गया तो मोबाइल जब्त किया जा सकता है। कमिश्नर को अपना मोबाइल कोर्ट में उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
बता दें कि पहले अदालत ने निगम के आग्रह पर सैंपलिंग की तारीख 19 से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी थी, लेकिन सड़क पर छेड़छाड़ की जानकारी मिलने के बाद यह राहत तुरंत प्रभाव से वापस ले ली गई। अब पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 19 अगस्त को ही सैंपल लिए जाएंगे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!