ग्वालियर केंद्रीय जेल से पैरोल पर रिहा हुआ हत्या के मामले का एक आजीवन कारावास का दोषी बंदी फरार हो गया है। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद जब वह जेल नहीं लौटा, तो जेल प्रशासन ने बहोड़ापुर पुलिस थाने को इस संबंध में सूचित किया।

पैरोल की शर्तें और उल्लंघन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दतिया जिले के भांडेर क्षेत्र का निवासी रायभान सिंह उर्फ राजभान वर्ष 2023 के एक हत्या के प्रकरण में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। सुरक्षा कारणों से उसे ग्वालियर केंद्रीय जेल में रखा गया था। जेल के अभिलेखों के अनुसार, रायभान सिंह को 24 जून 2026 को 16 दिनों की पैरोल पर छोड़ा गया था। पैरोल की शर्तों के तहत उसे 9 जुलाई 2026 की शाम तक अनिवार्य रूप से केंद्रीय जेल में वापस लौटना था।

बंदी के तय समय पर वापस न आने पर, जेल अधिकारियों ने पहले उसके मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन बंद पाया गया। इसके बाद, उसके परिजनों और जमानतदार पिता राधेलाल रावत से भी संपर्क साधा गया, परंतु उनसे भी कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली।

जमानतदार पिता भी बने सह-आरोपी

सभी प्रयासों के विफल होने के उपरांत, केंद्रीय जेल के प्रहरी गजेंद्र सिंह ने बहोड़ापुर थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने पैरोल की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में रायभान सिंह के विरुद्ध मामला पंजीकृत किया है। इसके साथ ही, उसकी जमानत लेने वाले पिता राधेलाल रावत को भी इस मामले में सह-आरोपी बनाया गया है।

पुलिस की कार्रवाई और तलाश

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार बंदी की खोजबीन शुरू कर दी गई है। उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और दतिया सहित आसपास के जिलों की पुलिस को भी इस संबंध में जानकारी भेजी गई है। यदि वह शीघ्र गिरफ्तार नहीं होता है, तो नियमानुसार उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पैरोल की शर्तों का पालन सुनिश्चित न करने पर जमानतदार के विरुद्ध भी विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।