ग्वालियर में अपने भविष्य की सुरक्षा और अटके हुए सत्रों को लेकर नर्सिंग विद्यार्थियों का गुस्सा लगातार फूट रहा है। पिछले छह दिनों से कटोरा ताल के फ्लैग पॉइंट पर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे बीएससी और जीएनएम नर्सिंग के छात्र मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए।

प्रशासन की चेतावनी के बाद बढ़ा आक्रोश

प्रशासन द्वारा बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन करने पर एफआईआर दर्ज किए जाने की चेतावनी दी गई थी। इस बात से नाराज होकर छात्र बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट परिसर में जमा हो गए और प्रशासन तथा सरकार विरोधी नारे लगाने लगे।

प्रदर्शन के दौरान बिगड़ी छात्रा की तबीयत

कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहे हंगामे के बीच आरती नामक एक बीएससी नर्सिंग छात्रा की अचानक से सेहत बिगड़ गई और वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ी। स्थिति को गंभीर देखते हुए वहां मौजूद डॉक्टरों ने फौरन प्राथमिक जांच की और एम्बुलेंस के लिए संपर्क किया।

हालांकि, एम्बुलेंस पहुंचने में हो रही देरी को देखते हुए एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष पवन ने अपनी व्यक्तिगत कार का उपयोग किया और अचेत अवस्था में पड़ी छात्रा को तत्काल अस्पताल के लिए रवाना किया।

मौके पर पुलिस बल हुआ तैनात

छात्रा के अस्वस्थ होने और उसे अस्पताल ले जाने की घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर का माहौल और अधिक गरमा गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए विश्वविद्यालय थाना पुलिस को तुरंत मौके पर बुलाना पड़ा।

इस बीच छात्रों ने एसडीएम नरेंद्र बाबू यादव के साथ चर्चा की और साफ किया कि उनका संघर्ष सिर्फ नतीजों तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों का कहना है कि तीन साल का जीएनएम कोर्स अब छह साल का हो चुका है और चार साल की बीएससी नर्सिंग पढ़ाई सात साल तक लंबी खींच गई है, जिससे उनका पूरा शैक्षणिक वर्ष बर्बाद हो रहा है।