ग्वालियर के रजिस्ट्रार कार्यालय में 12 अगस्त को पत्रकारों के साथ कथित अभद्रता, मारपीट और धमकी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद सामने आए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

आरोप है कि पत्रकारों द्वारा रजिस्ट्रार कार्यालय में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को सामने लाने के बाद उनके साथ निजी लोगों के माध्यम से अभद्रता और मारपीट की गई। पत्रकारों ने इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किए हैं, जिनमें कथित तौर पर विवाद, अभद्रता और धमकी से जुड़े दृश्य सामने आए हैं।

मामले में एक एसडीओपी द्वारा फोन पर कथित धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर पत्रकारों का कहना है कि इनमें घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य दिखाई देते हैं, इसके बावजूद अब तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

एसएसपी धर्मवीर सिंह से कार्रवाई की मांग

संबंधित पक्षों ने एसएसपी धर्मवीर सिंह से मुलाकात कर मामले पर कार्रवाई की मांग की। एसएसपी ने मामले को जांच का विषय बताते हुए कार्रवाई के संबंध में जांच रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही है।

भ्रष्टाचार के आरोपों की भी जांच की मांग

पूरे विवाद का एक महत्वपूर्ण पहलू रजिस्ट्रार कार्यालय में लंबे समय से कथित रूप से एक ही सीट पर पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर लगाए जा रहे आरोप हैं। पत्रकारों का दावा है कि उन्होंने इसी तरह के मामलों और कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने का प्रयास किया था।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में पूरे मामले में निष्पक्ष जांच के जरिए यह स्पष्ट होना जरूरी है कि रजिस्ट्रार कार्यालय में लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों में कितनी सच्चाई है और पत्रकारों के साथ हुई कथित घटना के लिए कौन जिम्मेदार है।

अब 24 घंटे का अल्टीमेटम

मामले में कार्रवाई के लिए प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिए जाने की बात कही गई है। कहा जा रहा है कि यदि निर्धारित समय में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकारों के हित में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

अब निगाहें प्रशासन की जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। सवाल यह भी है कि जांच का परिणाम क्या सामने आता है—क्या पत्रकारों के साथ कथित मारपीट और धमकी के मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी या फिर मामला जांच के नाम पर आगे बढ़ता रहेगा?

फिलहाल यह मामला पत्रकारों की सुरक्षा, प्रशासनिक पारदर्शिता और रजिस्ट्रार कार्यालय में लगाए जा रहे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।