मुरार थाना क्षेत्र में एक युवक साइबर ठगी का शिकार हो गया। धोखेबाजों ने केवाईसी अपडेट करने का झांसा देकर उसके बैंक खाते से 73,499 रुपये निकाल लिए। यह घटना मोबाइल पर एक संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करने के बाद हुई, जिसके कुछ ही मिनटों में पीड़ित के खाते से रकम गायब हो गई।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, त्यागी नगर, मुरार निवासी शैलेन्द्र गुर्जर (30) जो मूलतः ग्राम सरसपुरा, थाना बिजौली के रहने वाले हैं, इस धोखाधड़ी के शिकार हुए। 10 जुलाई 2026 की शाम लगभग 5 बजे उन्हें एक फोन कॉल और मैसेज प्राप्त हुआ। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को एक बैंक या वित्तीय संस्था का प्रतिनिधि बताया और कहा कि केवाईसी अपडेट कराना अनिवार्य है, अन्यथा उनकी बैंकिंग सेवाएं बाधित हो सकती हैं।

धोखेबाज ने शैलेन्द्र के मोबाइल पर एक APK फाइल भेजी और उसे तुरंत डाउनलोड करने का निर्देश दिया। शैलेन्द्र ने विश्वास करके जैसे ही उस फाइल को डाउनलोड किया, साइबर ठगों ने उनके मोबाइल का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। इसके बाद, विभिन्न ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से उनके बैंक खाते से कुल 73,499 रुपये निकाल लिए गए।

खाते से पैसे कटने के संदेश मिलने पर शैलेन्द्र को अपनी ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने तुरंत अपने बैंक से संपर्क किया और फिर मुरार थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।

साइबर ठगी से बचाव के उपाय

पुलिस और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर कोई भी APK फाइल डाउनलोड न करें। यह स्पष्ट किया गया है कि बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) या कोई भी सरकारी संस्था केवाईसी अपडेट के लिए ऐसी कोई फाइल या लिंक नहीं भेजती है। किसी भी संदिग्ध लिंक, एप्लिकेशन या फाइल को डाउनलोड करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए। थोड़ी सी असावधानी आपकी गाढ़ी कमाई को जोखिम में डाल सकती है।