सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बिना सोचे-समझे विज्ञापनों पर क्लिक करना लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। ग्वालियर शहर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक ताजा मामला सामने आया है, जहां इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देखने के दौरान एक व्यक्ति का मोबाइल फोन हैक हो गया और उसके बैंक खाते से हजारों रुपये साफ हो गए।

घटनाक्रम और मोबाइल हैंग होने की शुरुआत

यह पूरी घटना 11 अगस्त की रात करीब 12 बजे रुद्रपुरा, पुरानी छावनी की है। पीड़ित जयप्रताप सिंह बाथम (32 वर्ष, पुत्र नरेशसिंह बाथम) ने पुलिस को शिकायत में बताया कि उस समय उनकी पत्नी रचना बाथम उनके मोटोरोला मोबाइल पर इंस्टाग्राम का इस्तेमाल कर रही थीं। इसी दौरान स्क्रीन पर अचानक एक विज्ञापन फ्लैश हुआ। रचना ने जैसे ही उस विज्ञापन पर क्लिक किया, उनका मोबाइल अचानक पूरी तरह से सुस्त पड़कर हैंग हो गया।

मोबाइल का कोई भी फीचर काम नहीं कर रहा था और न ही फोन स्विच ऑफ हो रहा था। इस तकनीकी गड़बड़ी से परेशान होकर पीड़ित फोन को ठीक कराने के लिए पुरानी छावनी चौराहे पर एक मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान पर लेकर पहुंचे, जहां दुकानदार ने काफी मशक्कत के बाद फोन को रिस्टार्ट किया।

खाते से किस्त कटने के मैसेज से हुआ खुलासा

फोन ठीक होने के कुछ ही देर बाद रात के वक्त पीड़ित के मोबाइल पर बैंक की किस्त कटने का एक मैसेज प्राप्त हुआ। जब उन्होंने अपने बैंक खाते का बैलेंस चेक किया, तो उनके होश उड़ गए क्योंकि खाते में 2970 रुपये माइनस में दिखा रहा था। जबकि उस खाते में करीब एक लाख रुपये की राशि जमा थी।

घबराए हुए पीड़ित ने अपनी पत्नी से पूछताछ की कि क्या उन्होंने किसी को ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर किए हैं, जिस पर पत्नी ने साफ मना कर दिया। इसके बाद फौरन साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके इस धोखाधड़ी की जानकारी दर्ज कराई गई।

यूपीआई के जरिए तीन बार में निकाली रकम

अगले दिन जब पीड़ित ने बैंक पहुंचकर अपना बैंक स्टेटमेंट निकलवाया, तो सारा खेल समझ आ गया। जांच में सामने आया कि ठगों ने यूपीआई माध्यम का उपयोग करते हुए तीन अलग-अलग किश्तों में उनके खाते से पैसे उड़ाए हैं।

साइबर ठगों ने पहली बार में 70,000 रुपये, दूसरी बार में 20,000 रुपये और तीसरी बार में 8,000 रुपये यानी कुल 98,000 रुपये की चपत लगा दी। बैंक में औपचारिक शिकायत के बाद पीड़ित ने 16 अगस्त को पुरानी छावनी थाने पहुंचकर इस मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और आगे की तकनीकी जांच साइबर सेल को सौंप दी है।