ग्वालियर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान लापरवाही का एक मामला सामने आया है। मंगलवार को भितरवार ब्लॉक में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में आठ स्वास्थ्यकर्मी बिना किसी पूर्व सूचना के गैरहाजिर मिले। इस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. एमएस सागर ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए हैं।

यह बैठक राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और अन्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा के उद्देश्य से बुलाई गई थी। बैठक के दौरान जब अधिकारियों ने उपस्थिति जांची, तो पाया गया कि कई कर्मचारी अपनी ड्यूटी से नदारद थे। सीएमएचओ ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल स्पष्टीकरण मांगने का निर्णय लिया।

किन कर्मचारियों को मिला नोटिस?

जिन आठ कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें सीएचओ प्रभा शंकर कौरव (सब सेंटर भौंरी), एएनएम प्रियंका सोलंकी (सब सेंटर तोड़ा), एएनएम पार्वती चौधरी (आंतरी), एएनएम रितु चौबे (गोहिंदा), सीएचओ अर्चना कुमारी (साखनी) शामिल हैं। इनके अलावा, डाटा एंट्री ऑपरेटर अभिषेक श्रीवास्तव, राम मिलन रावत और कोमल सिंह रावत को भी नोटिस भेजे गए हैं।

उपस्थिति अनिवार्य, जवाबदेही जरूरी

सीएमएचओ डॉ. सागर ने इस संबंध में बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारु संचालन और योजनाओं की प्रभावी समीक्षा के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की समीक्षा बैठकों में उपस्थिति अनिवार्य है। उन्होंने अनुपस्थित कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

डॉ. सागर ने स्पष्ट किया कि यदि प्राप्त जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भविष्य में ऐसी बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने और अपने कर्तव्यों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने की हिदायत भी दी है।