वार्ड 33 के लोगों का फूटा गुस्सा

ग्वालियर नगर निगम मुख्यालय परिसर में मंगलवार को स्थानीय नागरिकों ने पानी के भारी संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनके वार्ड में पिछले छह दिनों से पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद पड़ी है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। क्षेत्र में पिछले छह-सात महीनों से जलापूर्ति की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है।

अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप

स्थानीय निवासी शाहीन ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि लोग लंबे समय से बहुत कम पानी में गुजारा करने को मजबूर हैं। पिछले छह दिनों से तो घरों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची है। जब वे इस बारे में कर्मचारियों से बात करते हैं, तो उन्हें टरका दिया जाता है और एक-दूसरे के पास भेजा जाता है। क्षेत्र के पार्षद से गुहार लगाने के बाद भी अब तक समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

कांग्रेस नेता सुनील शर्मा के नेतृत्व में लक्ष्मण तलैया इलाके के रहवासियों और महिलाओं ने लगभग डेढ़ घंटे तक धरना दिया और उसके बाद निगम मुख्यालय का रुख किया। शर्मा का कहना था कि इस गंभीर समस्या को लेकर पंद्रह दिन पहले भी संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

अमृत योजना के दावों पर उठे सवाल

अमृत योजना के तहत शहर में करोड़ों रुपए खर्च किए गए, लेकिन धरातल पर स्थिति यह है कि लोगों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा है।

सुनील शर्मा ने आरोप लगाया कि अमृत योजना के तहत तीन मंजिला मकानों तक पानी पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन इस क्षेत्र में स्थिति इतनी दयनीय है कि पानी पहली मंजिल तक भी नहीं पहुंच पा रहा है।

निगम प्रशासन ने दिया आश्वासन

विरोध प्रदर्शन और हंगामे के बीच निगम के अपर आयुक्त प्रदीप तोमर ने मौके पर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि लक्ष्मण तलैया क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए लगाई गई मोटरों में तकनीकी खराबी आ गई है। एक मोटर पूरी तरह खराब है और दूसरी का हेड खराब होने से वह भी पानी खींचने में असमर्थ है।

अपर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नगर निगम की तकनीकी टीम को दोनों मोटरों की तुरंत मरम्मत करने के सख्त निर्देश दे दिए गए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि आज शाम तक किसी तरह उस इलाके में जलापूर्ति को दोबारा सुचारू रूप से शुरू कर दिया जाए।