ग्वालियर शहर में साइबर ठग लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। बीते 24 घंटों के भीतर ऑनलाइन धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं, जिनमें लाखों रुपये की ठगी हुई है। इन वारदातों में एक सेवानिवृत्त अधिकारी को पेंशन कार्ड बनवाने के बहाने एपीके फाइल भेजकर ठगा गया, जबकि एक व्यापारी के खाते से बिना किसी कॉल या ओटीपी के लाखों रुपये निकाल लिए गए।

पेंशन कार्ड के नाम पर सेवानिवृत्त अधिकारी से ठगी

महाराजपुरा थाना क्षेत्र के डीडी नगर निवासी 66 वर्षीय अनूप कुमार चौबे, जो उद्योग विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, साइबर ठगी का शिकार हुए। 10 जुलाई को फेसबुक पर पेंशन कार्ड बनाने का एक विज्ञापन देखने के बाद उन्होंने उसमें अपनी जानकारी दर्ज की। कुछ समय बाद उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया और प्रक्रिया पूरी करने के लिए व्हाट्सएप पर एक एपीके (एंड्रॉइड पैकेज किट) फाइल भेजी गई। जैसे ही उन्होंने यह फाइल डाउनलोड की, उनका मोबाइल फोन हैंग हो गया और ठगों ने उनके मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद उनके बैंक खाते से तीन ट्रांजेक्शन में कुल 1 लाख 73 हजार रुपये निकाल लिए गए। बैंक पहुंचने पर उन्हें इस धोखाधड़ी का पता चला, जिसके बाद उन्होंने पहले साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और फिर महाराजपुरा थाने में एफआईआर दर्ज करवाई।

व्यापारी के खाते से बिना ओटीपी उड़ाए लाखों रुपये

दूसरा मामला माधौगंज थाना क्षेत्र की सिंधु आदर्श कॉलोनी के 45 वर्षीय व्यापारी बृजेश तलरेजा से जुड़ा है। उनका बैंक ऑफ इंडिया की नया बाजार शाखा में खाता है। 24 मई को अचानक उनके मोबाइल पर खाते से पैसे कटने के मैसेज आने लगे। बृजेश तलरेजा ने बताया कि उन्हें न तो कोई कॉल आया था, न ही उन्होंने किसी लिंक पर क्लिक किया और न ही किसी को कोई ओटीपी बताया। इसके बावजूद, ठगों ने यूपीआई सिस्टम की तकनीकी खामी का फायदा उठाते हुए उनके खाते से 10 ट्रांजेक्शन में 1 लाख 37 हजार 951 रुपये निकाल लिए। माधौगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और उन बैंक खातों तथा यूपीआई आईडी की जांच शुरू कर दी है, जिनमें यह रकम ट्रांसफर की गई है।

पुलिस के अनुसार, दोनों ही मामलों में आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। साइबर सेल की मदद से उन बैंक खातों और यूपीआई आईडी को ट्रेस कर फ्रीज करने की कार्रवाई की जा रही है, जिनमें ठगी की गई रकम भेजी गई है। पुलिस ने नागरिकों से ऑनलाइन लेनदेन करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने और किसी भी अज्ञात लिंक या फाइल को डाउनलोड न करने की अपील की है।