ग्वालियर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रेम में मिली असफलता के चलते एक युवक ने बदले की भावना से एक मासूम की जान ले ली। इस वारदात के करीब 19 महीने बाद जिला अदालत ने आरोपी और उसके साथी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

पहाड़-झरना दिखाने के बहाने जंगल ले गया

यह घटना 29 जुलाई 2024 की है। 12 साल का हेम सिंह उर्फ हेमू गुप्तेश्वर महादेव के मेले में जाने के लिए घर से निकला था। रास्ते में उसकी बड़ी बहन नंदिनी के पूर्व प्रेमी शिवम कुशवाह ने उसे रोक लिया। शिवम अपने दोस्त अमन गोस्वामी के साथ मिलकर हेमू को बहला-फुसलाकर अपनी बाइक पर बिठा लिया और उसे देवखो के जंगल की ओर ले गया।

शिवम का नंदिनी से प्रेम-प्रसंग चल रहा था, लेकिन नंदिनी के परिवार वाले इस रिश्ते के खिलाफ थे और उन्होंने उसकी शादी कहीं और तय कर दी थी। इसी बात से नाराज शिवम ने नंदिनी को सबक सिखाने और उसे जिंदगीभर का दर्द देने के लिए यह खौफनाक साजिश रची।

पत्थरों से कुचलकर की हत्या, पहचान छिपाने की कोशिश

जंगल ले जाने के बाद शिवम और अमन ने पहले शराब पी। इसके बाद उन्होंने मासूम हेमू को जमीन पर गिरा दिया और भारी पत्थरों से उसके चेहरे और सिर पर तब तक वार किए जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। इस क्रूर हमले में हेमू का जबड़ा टूट गया था। पहचान छिपाने के इरादे से आरोपियों ने शव को भारी पत्थरों के नीचे दबा दिया।

टैटू से हुई पहचान, आरोपी ने रचा ढूंढने का नाटक

अगले दिन जब एक चरवाहा जंगल में गया तो उसने पत्थरों के बीच से एक बच्चे का हाथ बाहर निकला देखा। पुलिस को सूचना दी गई। शव के हाथ पर बने 'ॐ' के टैटू से हेमू की मां कमलेश ने अपने बेटे की पहचान की। हत्या के बाद मुख्य आरोपी शिवम ने पीड़ित परिवार के साथ मिलकर हेमू को ढूंढने का नाटक भी किया, ताकि उस पर कोई शक न करे।

हालांकि, पुलिस ने अपनी जांच में दोनों आरोपियों को 1 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया।

मां का दर्द और कोर्ट की सख्त टिप्पणी

मृतक हेमू की मां कमलेश आज भी इस सदमे से उबर नहीं पाई हैं। उन्होंने रोते हुए बताया कि उनका बेटा आज भी सपनों में आता है और उन्हें 'मां बचा लो' कहकर पुकारता है। कोर्ट ने इस मामले में बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रेम-प्रसंग या पारिवारिक असहमति का बदला किसी बेकसूर बच्चे की जान लेकर लेना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। कोर्ट ने दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए कहा कि ऐसे क्रूर अपराधियों के खिलाफ कानून हमेशा सख्त रुख अपनाएगा।