ग्वालियर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां शादी के तीन दिन बाद ही एक नवविवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगा ली थी। लगभग सौ दिनों तक अस्पताल में वेंटिलेटर और मेडिकल सपोर्ट पर रहने के बाद आखिरकार बुधवार को उसकी सांसें थम गईं। इस दर्दनाक हादसे से दोनों परिवारों में मातम पसर गया है।

गोरेमी की रहने वाली थी सपना गुर्जर

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान भिंड जिले के गोरमी निवासी 22 वर्षीय सपना गुर्जर के रूप में हुई है। उसका विवाह गत 25 अप्रैल को लक्ष्मणगढ़ गांव के रहने वाले पान सिंह गुर्जर के पुत्र सौरभ गुर्जर के साथ तय हुआ था और धूमधाम से संपन्न हुआ था।

विवाह के पश्चात नवविवाहिता अपनी ससुराल पहुंची थी, जहां पारंपरिक रस्में निभाई जा रही थीं। घटना 28 अप्रैल की दोपहर की है, जब घर में मुंह दिखाई की रस्म चल रही थी। इसी बीच सपना ने बाथरूम जाने की बात कही और अंदर चली गई।

मुंह दिखाई की रस्म के दौरान उठाया खौफनाक कदम

बथथरूम के अंदर काफी देर तक जब सपना बाहर नहीं आई, तो परिजनों को शंका हुई। दरवाजा खटखटाने और कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्होंने किसी तरह दरवाजा खोला। अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए, क्योंकि सपना चढ़ावे में मिली साड़ी का फंदा बनाकर लटकी हुई थी।

परिजनों ने तुरंत उसे फंदे से नीचे उतारा और आनन-फानन में बिरला अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत बेहद नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उसे तुरंत दिल्ली के एसएसबी अस्पताल रेफर कर दिया था। बाद में उसे वापस ग्वालियर लाकर अलग-अलग निजी चिकित्सालयों में भर्ती कराया गया।

सौ दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ती रही

बीती 26 जून से उसे ग्वालियर के सिटी लाइफ मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में दाखिल कराया गया था, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी जान बचाने के लिए लगातार प्रयासरत थी। करीब सौ दिनों तक वह कोमा जैसी स्थिति में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करती रही, लेकिन 6 अगस्त को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलने पर महाराजपुरा थाना पुलिस तुरंत अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर मर्ग कायम किया। पुलिस का कहना है कि इतने लंबे समय तक वेंटिलेटर पर रहने और अचेत अवस्था में होने के कारण मृतका कोई भी बयान दर्ज नहीं करा सकी, जिससे इस कदम के पीछे की असल वजह का पता नहीं चल पाया है।

पुलिस कर रही है मामले की गहराई से जांच

इंदरगंज सीएसपी रोबिन जैन ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नवविवाहिता द्वारा उठाए गए इस चरम कदम के कारणों का अब तक कोई खुलासा नहीं हो सका है और मौके से भी कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।

हैरानी की बात यह है कि इस दुखद घटना के बाद न तो मायके पक्ष की ओर से और न ही ससुराल पक्ष की तरफ से किसी पर कोई भी आरोप लगाया गया है। पुलिस फिलहाल दोनों पक्षों के रिश्तेदारों और करीबियों से पूछताछ कर रही है तथा सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।