ग्वालियर-चंबल अंचल के गुना जिले के सिरसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तिलवाड़ा गांव में एक किसान की आत्महत्या के प्रकरण में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यहां करीब 40 वर्षीय किसान मनोज राठौर ने गत 1 अगस्त की शाम को कथित रूप से जहरीला पदार्थ यानी सल्फास खा लिया था, जिसके बाद उपचार के दौरान उनकी जान चली गई थी।

मृतक ने वीडियो में बताई थी अपनी परेशानी

अस्पताल में उपचार के दौरान मनोज राठौर का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्होंने अपनी पीड़ा जाहिर की थी। इस वीडियो में उन्होंने जिक्र किया था कि उन्होंने कर्ज चुका दिया था, लेकिन इसके बावजूद उनकी गिरवी रखी गई चांदी उन्हें वापस नहीं लौटाई जा रही थी, जिससे वह गहरे मानसिक तनाव में थे।

पुलिस की शुरुआती मर्ग जांच में यह बात सामने आई कि मृतक मनोज ने करीब दो साल पहले ग्राम मारकी महू निवासी दारासिंह धाकड़ से 20 हजार रुपए की नकदी उधार ली थी। इस उधार के एवज में करीब 960 ग्राम चांदी गिरवी के तौर पर रखी गई थी। परिजनों के अनुसार किसान ने लगभग एक साल पहले ही ब्याज समेत करीब 25 हजार रुपए चुका भी दिए थे, लेकिन दारासिंह ने चांदी वापस करने से इंकार कर दिया।

बेटी के वैवाहिक विवाद से भी बढ़ गया था मानसिक तनाव

वित्तीय संकट के अलावा किसान के परिवार में एक अन्य घरेलू विवाद भी चल रहा था। पुलिस जांच में पता चला कि मनोज की बेटी के वैवाहिक जीवन में अनबन थी और उसके ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किए जाने के कारण वह मायके में ही रह रही थी। राजस्थान के बारां जिले के केलवाड़ा थाना अंतर्गत ग्राम खिरिया निवासी उसका पति रिंकू राठौर उसे अपने साथ रखने को तैयार नहीं था।

बेटी के घर बसाने की चिंता और लगातार बढ़ रहे पारिवारिक तनाव ने किसान को अंदर से तोड़ दिया था। इस दोहरे दबाव के चलते वह गंभीर मानसिक अवसाद में चले गए थे।

पुलिस ने आरोपी दामाद को भेजा जेल

परिजनों और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने इस मामले में मृतक के दामाद रिंकू राठौर और दारासिंह धाकड़ के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी रिंकू राठौर को विधिवत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि दूसरा आरोपी दारासिंह अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है जिसकी तलाश की जा रही है।