गुना जिले के आरोन इलाके में शासकीय प्राथमिक विद्यालय के भीतर स्कूली बच्चों द्वारा की गई एक बेहद शर्मनाक और अमानवीय हरकत ने अब तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण में जहां स्थानीय स्तर पर भारी आक्रोश है, वहीं अब राजनैतिक गलियारों में भी बयानबाजी तेज हो गई है।
रंगोली बनाते समय पानी की बोतल में मिलाया गया था यूरिन
यह घटना सोमवार को उस समय सामने आई जब स्कूल में कक्षा पांचवीं में पढ़ने वाली दो दस वर्षीय मासूम छात्राएं रंगोली बनाने में जुटी हुई थीं। इसी दौरान कुछ शरारती छात्रों ने उनकी पानी की बोतलों में चुपचाप मूत्र मिला दिया। जब काम पूरा करने के बाद बच्चियों ने वह पानी पिया, तो उनकी तबियत खराब होने लगी और वे रोते-बिलखते स्कूल प्राचार्य के पास पहुंचीं।
प्राचार्य द्वारा इस गंभीर मामले में संवेदनहीनता दिखाते हुए छात्राओं को केवल चॉकलेट खाने की सलाह दी गई, जिससे परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। मंगलवार को गुस्साए परिजनों ने स्कूल पहुंचकर जमकर हंगामा किया और ताला जड़ दिया।
प्रशासनिक अमले की दखल और बयान दर्ज
मामले के तूल पकड़ने और बढ़ते तनाव को देखते हुए आरोन एसडीएम मंजूषा खत्री ने तत्काल संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर तहसीलदार और ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित छात्राओं, उनके परिजनों और आरोपी छात्रों के विस्तृत बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पूर्व मंत्री और विधायक आमने-सामने
इस घटना को लेकर बुधवार को राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई। पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने इस घटना को राघौगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत होना बताया और सोशल मीडिया पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए दोषियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग उठाई।
इसके तुरंत बाद राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने भी सोशल मीडिया के जरिए पलटवार किया। विधायक ने घटना को अत्यंत निंदनीय बताते हुए स्पष्ट किया कि यह मामला आरोन विकासखंड के अंतर्गत गुना विधानसभा क्षेत्र में आता है, राघौगढ़ में नहीं। उन्होंने ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर सही तथ्य रखने और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद पूर्व मंत्री ने अपनी पोस्ट में संशोधन किया।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!