गुना जिले के नारायणपुरा में स्थित शक्कर कारखाने को दोबारा संचालित करने की दिशा में अब तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। यह कारखाना वर्ष 2018 से बंद पड़ा है, जिसके कारण हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है। इसके पुनर्संचालन की मांग को लेकर किसानों ने कई बार आंदोलन किए हैं और 'नारायणपुरा शक्कर कारखाना बचाओ आंदोलन' भी चलाया जा चुका है।

कलेक्टर ने किया विस्तृत निरीक्षण

प्रशासनिक स्तर पर इस पहल को आगे बढ़ाते हुए, बुधवार को कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने नारायणपुरा शक्कर फैक्ट्री का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने फैक्ट्री की मौजूदा स्थिति, वहां उपलब्ध संसाधनों और तकनीकी व्यवस्थाओं का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि फैक्ट्री के पुनः संचालन की सभी संभावनाओं का परीक्षण करते हुए एक विस्तृत कार्ययोजना एक सप्ताह के भीतर तैयार कर प्रस्तुत की जाए।

निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने सबसे पहले फैक्ट्री के कार्यालय का अवलोकन किया और वहां के अभिलेखों तथा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने पूर्व में फैक्ट्री में कार्यरत रहे कर्मचारियों से भी बातचीत की, ताकि संचालन व्यवस्था, उत्पादन क्षमता और वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सके। इसके बाद, उन्होंने पूरे फैक्ट्री परिसर का भ्रमण किया, जिसमें उत्पादन प्रक्रिया से जुड़ी विभिन्न मशीनें और पावर हाउस शामिल थे। उन्होंने तकनीकी पहलुओं की भी विस्तृत जानकारी हासिल की।

पुनर्संचालन के लिए दो विकल्पों पर विचार

कलेक्टर कन्याल ने निरीक्षण के दौरान बताया कि फैक्ट्री को फिर से शुरू करने के लिए दो मुख्य विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है। पहला विकल्प यह है कि वर्तमान में उपलब्ध मशीनों और संसाधनों का जीर्णोद्धार कर फैक्ट्री का संचालन फिर से शुरू किया जाए। दूसरा विकल्प यह है कि आधुनिक तकनीक के अनुरूप नए सिरे से संयंत्र स्थापित कर फैक्ट्री को संचालित किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन दोनों विकल्पों की तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता का गहन परीक्षण किया जाए और उसके आधार पर एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाए। जिला पंजीयक सहकारी संस्थाएं (डीआरसीएस) को निर्देशित किया गया है कि वे सभी संबंधित विभागों के समन्वय से एक सप्ताह के भीतर यह विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करें, ताकि फैक्ट्री के पुनर्जीवन की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा सके।

इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक दुबे, एसडीएम राघौगढ़ अमित सोनी, प्रभारी उपायुक्त सहकारिता दिनेश चौरासिया सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।