गुना जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चक चूरेला गांव में हुई सनसनीखेज लूट के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को प्रशासन और पुलिस के संयुक्त दल ने कनेरा गांव में पहुंचकर आरोपियों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चला दिया।
क्या है पूरा मामला
घटना 3 अगस्त की रात की है, जब चक चूरेला निवासी पंचायत सचिव बाबूलाल मीणा के घर पर बदमाशों ने धावा बोला था। आरोपी मकान की दूसरी मंजिल के रास्ते अंदर दाखिल हुए और घर में रखी करीब ढाई क्विंटल वजनी भारी-भरकम तिजोरी चुरा ले गए। पीड़ित परिवार के अनुसार इस तिजोरी में लगभग ढाई किलो सोना, चार किलो चांदी और 12 लाख रुपये की नगदी रखी हुई थी।
पारदी समुदाय के लोगों से जुड़े हैं तार
पुलिस की प्रारंभिक जांच और तफ्तीश में सामने आया कि इस दुस्साहसिक वारदात के तार कनेरा गांव में रहने वाले पारदी समुदाय के कुछ संदिग्धों से जुड़े हैं। इसके बाद राजस्व और पुलिस विभाग ने मिलकर कनेरा गांव में आरोपियों द्वारा किए गए अवैध कब्जों और निर्माणों की पैमाइश की और बुधवार को बुलडोजर की कार्रवाई को अंजाम दिया।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर मुस्तैद रहे। कार्रवाई के वक्त एसडीएम शिवानी पांडे, तहसीलदार जयप्रकाश गौतम और पुलिस अधीक्षक हितिका वासल घटनास्थल पर मौजूद थीं। कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए धरनावदा, सिरसी और फतेहगढ़ थानों का पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर
प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद इस वारदात के मुख्य आरोपी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की तलाश के लिए विभिन्न टीमों का गठन किया गया है जो लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इस घटना के एक दिन पहले यानी मंगलवार को पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने मीणा समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। उस दौरान उन्होंने समाज के लोगों को निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया था, जिसके बाद प्रशासन ने यह बड़ी कार्रवाई की है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!