गुना जिले के आरोन विकासखंड के अंतर्गत आने वाले एक शासकीय प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाली बेहद घिनौनी घटना सामने आई है। यहाँ कक्षा 5वीं में पढ़ने वाली 10 छात्राओं की पानी की बोतलों में कक्षा के ही कुछ शरारती छात्रों ने चुपचाप पेशाब मिला दिया।

रंगोली बनाने के दौरान दिया घटना को अंजाम

घटना के समय पीड़ित छात्राएं कक्षा कक्ष से बाहर निकलकर रंगोली बना रही थीं। इसी दौरान पीछे से छात्रों ने इस शर्मनाक करतूत को अंजाम दिया। अनजान मासूम छात्राओं ने वही दूषित पानी पी लिया, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ने की आशंका बन गई थी। जब उन्हें इस बात की भनक लगी तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

प्राचार्य ने संवेदनहीनता दिखाते हुए कहा- चॉकलेट खा लो

अपनी आपबीती लेकर जब डरी-सहमी छात्राएं स्कूल की प्राचार्य मूलचंद कौशिक के पास पहुंचीं और अपनी पीड़ा बताई, तो प्राचार्य ने संवेदनहीनता की हदें पार कर दीं। प्राचार्य ने मामले में कोई ठोस कार्रवाई करने के बजाय छात्राओं से कहा कि यदि मुंह खराब हो गया है, तो दस-दस रुपए वाली चॉकलेट खा लो।

परिजनों ने स्कूल में जड़ा ताला और की नारेबाजी

रोते-बिलखते घर पहुंची छात्राओं ने जब अपने परिजनों को पूरी बात बताई, तो ग्रामीण और अभिभावक गुस्से से लाल हो गए। मंगलवार की सुबह बड़ी संख्या में परिजन विद्यालय पहुंचे और वहाँ जमकर हंगामा किया। आक्रोशित भीड़ ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और दोषी छात्रों के साथ-साथ संवेदनहीन प्राचार्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की।

प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दर्ज किए बयान

विद्यालय परिसर में उपजे भारी तनाव और हंगामे की सूचना मिलते ही आरोन की एसडीएम मंजूषा खत्री ने त्वरित कदम उठाया। उन्होंने तहसीलदार कृष्णकांत चौबे और बीईओ संतोष धाकड़ को भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर भेजा। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्कूल पहुंचकर पीड़ित छात्राओं, उनके परिजनों और संबंधित पक्षों के विस्तृत बयान दर्ज किए, तथा बीईओ को पूरे घटनाक्रम की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं।