ग्वालियर-चंबल संभाग के गुना जिले के म्याना थाना इलाके में एक नवविवाहिता की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि मृतका को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था।

दो साल पहले हुई थी शादी

यह पूरी घटना 10 जुलाई की है, जब म्याना क्षेत्र के रीछई गांव की रहने वाली 24 वर्षीय प्रियंका यादव की संदिग्ध हालात में तबीयत बिगड़ गई थी। मृतका के चाचा भीम सिंह यादव के अनुसार, प्रियंका का विवाह करीब दो साल पहले 23 अप्रैल 2024 को मनीष यादव के साथ संपन्न हुआ था। मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के शुरुआती दिनों से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर प्रियंका के साथ मारपीट और उत्पीड़न करते आ रहे थे।

भाई के विवाह में जाने पर लगा दी थी पाबंदी

परिजनों ने बताया कि 6 जुलाई को प्रियंका के भाई का विवाह था, जिसमें शामिल होने के लिए वह अपने मायके माहौर जाना चाहती थी। आरोप है कि पति मनीष ने उसे मायके जाने से साफ इनकार कर दिया था और धमकी दी थी कि यदि वह घर से बाहर कदम रखा तो उसे जान से खत्म कर दिया जाएगा। भाई की शादी जैसे अहम मौके पर शामिल न हो पाने के कारण प्रियंका తీవ్ర मानसिक तनाव में आ गई थी।

बीती 10 जुलाई की शाम अचानक प्रियंका की हालत अत्यधिक गंभीर हो गई, जिसके बाद उसे उपचार के वास्ते जिला अस्पताल ले जाया गया। मायके वालों को इस बात की सूचना दूर के रिश्तेदारों के जरिए मिली। परिजनों का कहना है कि जब वे अस्पताल पहुंचे, तो वहां ससुराल पक्ष का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था और इलाज के दौरान ही प्रियंका ने दम तोड़ दिया।

एसडीओपी जांच के बाद दर्ज हुआ केस

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों के सुपुर्द किया और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। नवविवाहिता की मौत का मामला होने के चलते इसकी विस्तृत जांच गुना के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) द्वारा की गई। जांच के दौरान मायके पक्ष के बयान और अन्य साक्ष्यों का मिलान करने पर दहेज प्रताड़ना के गंभीर तथ्य उजागर हुए।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश मिलने के बाद म्याना थाने की टीम ने पुख्ता सबूतों के आधार पर आरोपी पति मनीष यादव के खिलाफ रविवार को औपचारिक रूप से मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इस मामले में अन्य पारिवारिक सदस्यों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।