गुना जिले के फतेहगढ़ क्षेत्र के रामनगर गांव में हुई वल्लभ मीणा की आत्महत्या के मामले में कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। स्थानीय अदालत ने मृतक के साले की ओर से दायर की गई अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। युवक ने अपनी जान देने से पहले एक वीडियो बनाकर ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद से मामले में जांच और कार्रवाई जारी है।

क्या था पूरा मामला और विवाद की वजह

रामकुमार मीणा के 28 वर्षीय बेटे वल्लभ मीणा का विवाह वर्ष 2018 में साक्षी मीणा के साथ हुआ था और उनका छह साल का एक बेटा भी है। खेती किसानी करने वाले वल्लभ का पिछले कुछ समय से अपनी पत्नी के साथ मनमुटाव चल रहा था। इस पारिवारिक कलह के चलते करीब दस दिन पहले पत्नी अपने बच्चे को साथ लेकर मायके चली गई थी। वल्लभ ने जब पत्नी को वापस घर भेजने का आग्रह किया, तो ससुराल वालों ने उसे भेजने से इनकार कर दिया।

इसके अलावा पीड़ित युवक को उसके अपने बच्चे से भी मिलने नहीं दिया जा रहा था। इस बात से తీవ్ర रूप से आहत होकर वल्लभ ने दो जुलाई की शाम को अपने ही घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे फौरन जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया था।

वीडियो में खोले थे राज और खाया था जहर

आत्महत्या करने से ठीक पहले वल्लभ ने अपने मोबाइल से एक वीडियो बनाया था। इस वायरल वीडियो में उसने स्पष्ट रूप से कहा था कि उसकी पत्नी को उसके खिलाफ भड़काने में उसकी सास गुड्डी बाई, साले की पत्नी रश्मि बाई और साले बलवंत की मुख्य भूमिका है। वीडियो में वह इन लोगों के नाम गिनाते हुए कैमरे के सामने ही पाउच से जहरीला पदार्थ मुंह में डालता दिखाई दिया। इसके बाद उसने पानी पिया और वह वीडियो अपनी पत्नी को व्हाट्सएप पर भेज दिया था।

जहर का सेवन करने के कुछ ही मिनटों बाद वल्लभ की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। उसे लगातार उल्टियां होने लगीं और मुंह से झाग निकलने लगा। बदहवास परिजन उसे तुरंत अस्पताल की तरफ भागे, लेकिन रास्ते में ही उसकी स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी थी। फतेहगढ़ पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच की और ससुर ओमप्रकाश मीणा, साले बलवंत मीणा समेत सास और पत्नी को आरोपी बनाया।

अदालत ने क्यों ठुकरायी जमानत

पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी साले बलवंत मीणा की ओर से न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका प्रस्तुत की गई थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आवेदन को सिरे से खारिज कर दिया। न्यायलय ने अपने आदेश में इस बात को आधार बनाया कि आरोपी घटना के दिन से ही फरार चल रहा है, ऐसे हालात में उसे अग्रिम जमानत का कानूनी लाभ दिया जाना उचित नहीं है।