गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नसीरा में हुई नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में अदालत ने आरोपी देवर को राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी है। मृतका को पांच लाख रुपये और मोटरसाइकिल की खातिर लगातार मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
ढाई साल पहले हुआ था विवाह
अशोकनगर जिले के कदवाया की रहने वाली 24 वर्षीय भावना यादव का विवाह करीब ढाई साल पूर्व म्याना के नसीरा गांव निवासी गिर्राज यादव के साथ हुआ था। मृतका के भाई अभिषेक के अनुसार, विवाह के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग अतिरिक्त दहेज के लिए उनकी बहन को तंग करने लगे थे। गत 13 मई को जब छोटा भाई भावना को अपने साथ मायके लाने के लिए ससुराल पहुंचा, तो वहां विवाद की स्थिति बन गई।
भाई जब भावना को बैग के साथ लेकर घर से बाहर निकला, तो पति, ससुर और अन्य परिजनों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आसपास के लोगों के बीच-बचाव के बाद ससुराल वाले जबरन भावना को घर के भीतर खींच ले गए। इसके महज बीस मिनट बाद ही उन्होंने बाहर आकर जानकारी दी कि भावना ने कुछ जहरीला पदार्थ खा लिया है।
अस्पताल ले जाने में की गई हीलाहवाली
तबीयत बिगड़ने के बावजूद परिजनों ने तत्काल अस्पताल ले जाने से मना कर दिया। बाद में जब भाई उसे अपनी बाइक पर बैठाकर ले जाने लगा, तो गंभीर हालत के कारण वह बैठ नहीं पाई। ग्रामीणों के दबाव के बाद ससुराल वाले उसे अपनी जीप से अस्पताल ले जाने को तैयार हुए, लेकिन रास्ते में ही भाई को वाहन से उतार दिया। मायके पक्ष के लोग जब अस्पताल पहुंचे, तब तक भावना की मृत्यु हो चुकी थी।
जांच के दौरान पुलिस को पति और पत्नी के बीच का एक ऑडियो भी प्राप्त हुआ था, जिसमें मोटरसाइकिल की मांग और धमकियों का जिक्र था। ऑडियो में पति गिर्राज तीन दिन के भीतर पांच लाख रुपये की बाइक लाने की बात कह रहा था। एसडीओपी स्तर के अधिकारी द्वारा की गई निष्पक्ष जांच में दहेज प्रताड़ना की पुष्टि हुई थी।
मामले में पुलिस ने पहले ही पति गिर्राज, ससुर मेहरबान सिंह, सास सुगनबाई और देवर राहुल उर्फ राधाकृष्ण को गिरफ्तार कर लिया था। इस बीच आरोपी देवर राहुल की ओर से अदालत में जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था।
न्यायालय ने प्रकरण के तथ्यों और बयानों का अवलोकन करने के बाद राहुल की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि गवाहों और बयानों से यह साफ है कि जब मृतका का भाई उसे विदा कराकर ले जा रहा था, तब राहुल ने न केवल उसे रोका बल्कि उसके साथ मारपीट भी की, जिसके तुरंत पश्चात भावना ने जहर खाया था। ऐसी गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी जमानत का पात्र नहीं है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!