गुना जिले में एक मंदिर से दर्शन कर लौट रहे कपल को बंधक बनाकर जंगल में ले जाने और युवती के साथ बर्बरता करने के मामले में आरोपियों को अदालत से बड़ा झटका लगा है। स्थानीय अदालत ने इस सनसनीखेज वारदात के दो आरोपियों की जमानत अर्जी गुरुवार को खारिज कर दी। अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश ने यह फैसला सुनाया।
पंचर का बहाना बनाकर रोका और जंगल में खींचा
यह घटना गत 30 जुलाई की है, जब झारखंड की रहने वाली 26 वर्षीय युवती अपने साथी के साथ विजयपुर स्थित हनुमान टेकरी के दर्शन करके मोटर साइकिल से रात करीब 8 बजे वापस लौट रही थी। रास्ते में एक पेट्रोल पंप के समीप तीन युवकों ने उनकी बाइक का पहिया पंचर होने का झांसा देकर उन्हें रोक लिया। जैसे ही कपल रुका, आरोपियों ने तुरंत मोटरसाइकिल की चाबी निकाल ली और दोनों के बाल पकड़कर सड़क पार कर घने जंगल में खींच ले गए।
निजी अंग में लकड़ी डालने जैसी हैवानियत
जंगल में ले जाकर बदमाशों ने युवती के साथ गंभीर हैवानियत की। पीड़िता के मुताबिक आरोपियों ने उसके कपड़े फाड़ डाले और उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर उसके हाथ कपड़ों से बांध दिए गए और उसके मंगेतर के साथ मारपीट की गई। अपनी रक्षा के लिए पीड़िता ने आरोपियों को नाखूनों से खरोंचा और काटा भी, लेकिन वेशी दरिंदे नहीं माने। इस दौरान एक आरोपी ने युवती के प्राइवेट पार्ट में लकड़ी डाल दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
पुलिस के आने पर भागे थे आरोपी
वारदात के दौरान जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो आरोपी युवती को नग्न अवस्था में छोड़कर जंगल की तरफ भाग निकले। धरनावदा थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर फौरन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में बबलू (23), छोटू (28), सरदार (30), महेंद्र (20) और दिनेश (28) को गिरफ्तार किया था, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
अदालत ने अपराध की भीषण प्रकृति और गंभीरता को स्पष्ट करते हुए छोटू बंजारा और बबलू बंजारा द्वारा लगाई गई जमानत की अर्जियों को सिरे से खारिज कर दिया।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!