गुना के एक निजी होटल में श्रीराम धर्मार्थ रघुवंशी न्यास द्वारा रविवार को प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान शैक्षणिक सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले युवाओं को सम्मानित किया गया।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई शुरुआत

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान राम के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में हरदा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद सिंह रघुवंशी उपस्थित रहे। वहीं, विशिष्ट अतिथियों में चंदेरी के सिविल जज महेंद्र रघुवंशी, SECL के उप महाप्रबंधक व प्रोजेक्ट ऑफिसर धर्मेंद्र रघुवंशी और आईआईटी मुंबई की इकोनॉमी प्रोग्राम डायरेक्टर सोनल रघुवंशी शामिल रहीं। आयोजन की रूपरेखा संयोजक बलबीर सिंह रघुवंशी ने रखी, जबकि मंच संचालन जितेंद्र रघुवंशी ने किया।

सोनल रघुवंशी बोलीं- परंपराओं पर सवाल उठाना जरूरी

समारोह को संबोधित करते हुए आईआईटी मुंबई की प्रोग्राम डायरेक्टर सोनल रघुवंशी ने विद्यार्थियों को जिज्ञासा बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मूल अर्थ केवल सूचनाएं जुटाना नहीं, बल्कि सही प्रश्न पूछना सीखना है। पीढ़ियों से चली आ रही किसी भी परंपरा या बात को बिना सोचे-समझे सच मान लेना सही नहीं है, बल्कि हर विषय को परखना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रश्न पूछने का अर्थ किसी का विरोध करना नहीं है, बल्कि इंसानियत को सबसे ऊपर रखना है।

उन्होंने आगे कहा कि गरीब और अमीर बच्चों के मिलने वाले अवसरों में असमानता पर बात होनी चाहिए। बहुमत यदि किसी कमजोर को दबाए, तो उसके पक्ष में खड़ा होना जरूरी है। उन्होंने बच्चों से कहा कि मिले हुए सम्मान पत्र को केवल एक उपलब्धि न मानकर आने वाले कल की बड़ी जिम्मेदारी समझें।

धर्मेंद्र रघुवंशी ने दिए भगवान राम के आदर्शों के उदाहरण

SECL के उप महाप्रबंधक धर्मेंद्र रघुवंशी ने भगवान श्रीराम के जीवन के जरिए संघर्ष और निरंतरता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान राम धैर्य, साहस और करुणा के प्रतीक हैं, जिनसे हर छात्र को प्रेरणा लेनी चाहिए। राह में आने वाली असफलताओं से घबराने के बजाय उन्हें सफलता की ओर उठाया गया अगला कदम मानना चाहिए। उन्होंने आज के दौर में सोशल मीडिया के अति प्रयोग पर भी चिंता जताई और कहा कि यदि यह समय और संस्कार चुराने लगे, तो इससे दूरी बना लेनी चाहिए।

न्यायविदों ने युवाओं को दिए सफलता के मंत्र

सिविल जज महेंद्र रघुवंशी ने विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आज मिला यह सम्मान उनके उज्ज्वल भविष्य का महज एक आरंभ है। मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद सिंह रघुवंशी ने कहा कि किसी भी समाज की असली ताकत उसकी पढ़ी-लिखी युवा पीढ़ी होती है। उन्होंने असफल रहने वाले विद्यार्थियों से भी अपील की कि वे निराश न हों, क्योंकि हर इंसान के भीतर कोई न कोई विशेष खूबी छिपी होती है।