ग्वालियर-चंबल अंचल के गुना जिले में हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद उत्पन्न हुए हालातों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के विधायक पन्नालाल शाक्य ने जलभराव की स्थिति और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल सरकार के भरोसे बैठे रहना हमारी सबसे बड़ी गलती है।
तीन घंटे की बारिश से ठप हुआ जनजीवन
जिले में 11 अगस्त को इस सीजन की सबसे मूसलाधार बारिश दर्ज की गई थी। महज तीन घंटे के भीतर ही तीन इंच से अधिक पानी बरस गया, जिससे शहर के कई इलाकों में सैलाब जैसे हालात बन गए। गोविंद गार्डन और पटेल नगर जैसे क्षेत्रों में सड़कों पर कई फीट पानी जमा हो गया। हालात इतने बिगड़ गए कि गोविंद गार्डन इलाके में एक महिला अपने घर में फंस गई थी, जिसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एसडीईआरएफ (SDERF) की टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा।
इसके अलावा नानाखेड़ी क्षेत्र में भी मुख्य मार्ग पर भारी जलभराव के कारण काफी देर तक यातायात बाधित रहा। स्थानीय दुकानों के सामने हुए अतिक्रमण के चलते पानी की निकासी के रास्ते बंद हो गए, जिससे जिला प्रशासन की मानसून पूर्व तैयारियों की पोल खुलकर सामने आ गई।
जिम्मेदार लोगों पर बरसे विधायक
मीडिया से चर्चा करते हुए भाजपा विधायक ने प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन के जिन लोगों पर जिम्मेदारी है, वे अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। विधायक ने दावा किया कि उन्होंने जलभराव की आशंका को भांपते हुए दो महीने पहले ही कलेक्टर और नगरपालिका अध्यक्ष को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत करा दिया था और समय रहते नाले-नालियों की सफाई व अन्य कार्य करवाने की अपील की थी।
हमने पहले ही नगरपालिका अध्यक्ष और कलेक्टर को पत्र लिखकर आगाह किया था कि बारिश से पहले जरूरी काम पूरे कर लिए जाएं, लेकिन चेतावनियों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी रही।
समाज को खुद उठानी होगी जिम्मेदारी
बारिश के पानी के शहर की कई कॉलोनियों में घरों के भीतर तक घुस जाने और लोगों को अपना सामान सुरक्षित करने के लिए मजबूर होना पड़ने पर विधायक ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई बस्तियों में पानी घुटनों तक भर गया था, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि समाज खुद आगे आए और अपनी जिम्मेदारी समझे। यदि लोग हर छोटी-बड़ी बात के लिए सिर्फ सरकार पर निर्भर रहेंगे, तो इससे जन और धन दोनों की हानि होगी। समाज को ऐसी कई व्यवस्थाओं पर अपनी चुप्पी तोड़नी होगी, अन्यथा इसके परिणाम ऐसे ही भुगतने पड़ेंगे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!