स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के कथित अपमान का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसी घटना के विरोध में स्थानीय स्तर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

शास्त्री पार्क से निकाला गया कैंडल मार्च

प्रदेश भाजपा नेतृत्व के आह्वान पर गुना जिले में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार की अगुवाई में तमाम भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहले शास्त्री पार्क में एकत्र हुए। वहां से हाथों में कैंडल लेकर मार्च शुरू किया गया जो विभिन्न मार्गों से होता हुआ जयस्तंभ चौराहे पर पहुंचा।

विरोध प्रदर्शन के समापन पर जयस्तंभ चौराहे पर पूर्ण राष्ट्रगीत का गायन किया गया। हालांकि इस दौरान वहां मौजूद अधिकांश नेता और कार्यकर्ता मौन खड़े रहे और पूरा गीत नहीं गा सके।

शीर्ष कांग्रेसी नेताओं पर कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार ने कांग्रेस पार्टी पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास राष्ट्रगीत और राष्ट्र के प्रतीकों के अपमान से जुड़ा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि इस मामले में सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस नेताओं द्वारा राष्ट्रगीत का अपमान किया जाना एक गंभीर अपराध है। इस संबंध में अब कानून बन चुका है और दोषियों पर नियमानुसार कानूनी शिकंजा कसा जाना चाहिए।

बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद

इस विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च के दौरान गुना विधायक पन्नालाल शाक्य, नगरपालिका अध्यक्ष सविता अरविन्द गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि हरिसिंह यादव, गजेन्द्र सिकरवार, मीडिया प्रभारी अंकुर श्रीवास्तव, अर्जुन धाकड़, मुनेश धाकड़ और महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रजनी ओझा सहित तमाम पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।