सीजन की सबसे तेज बारिश दर्ज
गुना जिले में रविवार का दिन इस मानसूनी सीजन का सबसे बारिश वाला दिन साबित हुआ। सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक के महज आठ घंटों के भीतर ही दो इंच से अधिक पानी बरस गया। इस झमाझम बरसात के चलते जिले के तमाम छोटे-बड़े नदी-नालों में अचानक पानी की आवक काफी बढ़ गई है।
झागर क्षेत्र में भौंरा नदी आई उफान पर
भारी मानसूनी गतिविधियों के कारण झागर इलाके में भौंरा नदी उफान पर बहती नजर आई। हालात यह हो गए कि नदी का पानी पुल के ऊपर से गुजरने लगा, जिससे स्थानीय स्तर पर आवाजाही प्रभावित हुई। गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले गुना, आरोन और बमोरी तहसीलों में मानसून कमजोर चल रहा था और गुना तहसील में औसत बारिश का आधा कोटा भी पूरा नहीं हो पाया था।
कम दबाव के क्षेत्र से सक्रिय हुआ मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही चक्रवाती परिसंचरण और मानसून ट्रफ की सक्रियता का रुख सीधे तौर पर गुना की तरफ है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और मानसून ट्रफ के बीकानेर व ग्वालियर से गुजरने के कारण गुना में लगातार बादल बरस रहे हैं।
जिला मुख्यालय के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में भी पानी गिरने से खेतों में खड़ी फसलों को पर्याप्त नमी मिल गई है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार आने वाले समय में भी जिले के अधिकांश स्थानों पर बारिश का दौर बने रहने के आसार हैं।
अंचल के अन्य इलाकों में भी झमाझम
बारिश का यह असर केवल शहरी सीमा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे अंचल में इसका प्रभाव देखा जा रहा है। इससे पहले शनिवार को भी राघौगढ़ में 58 मिलीमीटर, मकसूदनगढ़ में 74 मिलीमीटर और आरोन में 41 मिलीमीटर तक पानी दर्ज किया जा चुका है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!