वेतन न मिलने से शिक्षकों की बढ़ी मुश्किलें

गुना जिले के बमोरी इलाके में एक हजार से अधिक शिक्षकों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। समय पर वेतन के बिल जनरेट न होने के कारण शिक्षकों को इस बार समय पर सैलरी नहीं मिल पाई है, जिससे उनके घरों का बजट गड़बड़ा गया है।

आहरण अधिकारी बदलने से आई तकनीकी अड़चन

इस पूरे मामले की मुख्य वजह बमोरी क्षेत्र में आहरण अधिकारियों का बदला जाना है। नियमों के मुताबिक नए बनाए गए आहरण अधिकारी यशवंत धाकड़ को अपनी ई-केवायसी प्रक्रिया पूरी करनी थी। इसके लिए लगातार तीन दिनों तक प्रयास किए गए, जो सोमवार को जाकर पूरी हो पाई।

पोर्टल पर अटक गए जीपीएफ और वेतन के बिल

ई-केवायसी पूरी होने के बाद जब नए अधिकारियों ने वेतन और अन्य बिलों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना शुरू किया, तब तकनीकी पेंच फंस गया। आहरण अधिकारी द्वारा कोषालय को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि एक शिक्षक के जीपीएफ भुगतान का बिल सबमिट करने पर वह न तो आगे प्रोसेस हुआ और न ही सिस्टम से रिजेक्ट हुआ।

इस तकनीकी खामी के कारण सैलरी से जुड़े सभी जरूरी बिल पोर्टल पर ही अटक कर रह गए। कोषालय में समय पर बिल जमा न होने के कारण ट्रेजरी से भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।

इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए अब जिला कोषालय अधिकारी की ओर से भोपाल स्थित उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। इस मामले में भोपाल स्तर से मार्गदर्शन मिलने के बाद ही अटके हुए वेतन बिलों के प्रोसेस होने की उम्मीद है।