गुना जिले के शुभ विदाई गार्डन में संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जन्मजयंती के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान और कलश यात्रा का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में एक तरफ जहां मंच से सामाजिक सद्भाव और समानता का संदेश दिया जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई।

महिला जनप्रतिनिधियों को नहीं मिली बैठने की जगह

कार्यक्रम शुरू होने से पहले मेहमानों और जनप्रतिनिधियों के बैठने के लिए कुर्सियां लगाई गई थीं। आरोप है कि चांचौड़ा से भाजपा विधायक प्रियंका मीना पैंची और गुना नगर पालिका अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता जब वहां पहुंचीं, तो तय स्थान पर पार्टी के कुछ वरिष्ठ पुरुष पदाधिकारी पहले से ही काबिज थे। स्थिति यह बनी कि दोनों महिला जनप्रतिनिधियों के लिए बैठने के वास्ते एक भी कुर्सी खाली नहीं बची थी।

मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने जब यह असहज स्थिति उत्पन्न हुई, तो कुर्सियों पर बैठे नेताओं ने अपनी जगह से उठने से इनकार कर दिया। काफी देर तक जब कोई समाधान नहीं निकला, तो चांचौड़ा विधायक प्रियंका मीना पैंची ने खुद ही आगे बढ़कर अपनी कुर्सी उठाई और उसे ठीक करके बैठ गईं। उनके साथ आईं नपाध्यक्ष सविता गुप्ता के सामने भी कुछ ऐसा ही घटनाक्रम पेश आया।

विधायक ने मंच से उठाया 33 प्रतिशत आरक्षण का मुद्दा

बाद में जब मुख्य कार्यक्रम के तहत सभी अतिथियों को मंच पर आमंत्रित किया गया, तो विधायक प्रियंका मीना पैंची ने अपने संबोधन में इस व्यवस्था पर खुलकर सवाल उठाए। उन्होंने मंच से तीखे लहजे में कहा कि जब देश और प्रदेश की सरकार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दे चुकी है, तो क्या ऐसे आयोजनों में महिलाओं को बैठने के लिए एक कुर्सी पाने का भी हक नहीं है? हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी को नीचा दिखाना नहीं था, लेकिन जो कुछ हुआ वह सबके सामने था।

कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी विधायक प्रियंका पैंची की नाराजगी कम नहीं हुई। उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा कि एक महिला विधायक और शहर की प्रथम नागरिक के साथ इस तरह का व्यवहार होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी पार्टी संगठन को भी दे दी है और वहां मौजूद हर व्यक्ति ने इस व्यवस्था को अपनी आंखों से देखा है।

21 अगस्त से शुरू हुआ है समरसता संकल्प अभियान

प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस विवाद के बाद से स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। आपको बता दें कि गुना जिले में संत गुरु रविदास के समता, बंधुत्व और सामाजिक सद्भाव के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने के लिए 21 अगस्त से समरसता संकल्प अभियान की शुरुआत की गई है, जो आगामी 10 सितंबर तक जिले के विभिन्न हिस्सों में चलाया जाना है। इस आयोजन में विधायक, नपाध्यक्ष के अलावा तमाम स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अमला भी शामिल हुआ था।