गुना जिले के फतेहगढ़ क्षेत्र में हुई बड़ी डकैती की वारदात का स्थानीय पुलिस ने रविवार को आधिकारिक तौर पर खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों को धर दबोचा है, जिनके पास से भारी मात्रा में कीमती आभूषण बरामद हुए हैं।
तीन अगस्त की रात दिया गया था वारदात को अंजाम
यह घटना गत 3 अगस्त की है, जब चिरौली गांव निवासी पंचायत सचिव पवन मीना के घर अज्ञात बदमाशों ने धावा बोला था। वारदात के वक्त घर पर उनके माता-पिता और छोटा भाई मौजूद थे जो अपने कमरों में सो रहे थे। तड़के करीब ढाई से चार बजे के बीच अपराधियों ने इस बड़ी चोरी को अंजाम दिया।
सुबह जब घरवाले जागे तो कमरों के दरवाजे बाहर से बंद मिले। जैसे-तैसे कुंडी खुलवाने के बाद पता चला कि घर का सारा कीमती सामान गायब है। बदमाशों ने करीब एक किलो सोना, छह किलो चांदी, दस लाख रुपए नकद और एक मोटरसाइकिल पार कर दी थी।
कई जिलों और राज्यों में चली पुलिस की तलाश
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने कई विशेष टीमों का गठन किया था। फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों और डॉग स्क्वाड की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र के आधार पर पुलिस दल ने गुना के अलावा शिवपुरी, विदिशा, उज्जैन, रतलाम, राजगढ़, भोपाल, इंदौर, शाजापुर, देवास, श्योपुर तथा पड़ोसी राज्य राजस्थान के कई जिलों में दबिश दी।
जांच में यह बात सामने आई कि इस वारदात के पीछे पारदी गिरोह का हाथ है। इसके बाद पुलिस ने धरनावदा थाना क्षेत्र के कनेरा गांव निवासी राजू पारदी (35) और गजानंद पारदी (48) को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर डकैती कबूल कर ली है।
अवैध निर्माण पर चल चुका है बुलडोजर
कार्रवाई के दौरान पिछले गुरुवार को जिला प्रशासन ने कनेरा गांव में इन आरोपियों के अवैध अतिक्रमण को चिन्हित कर बुलडोजर कार्रवाई भी की थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 985.15 ग्राम सोने के जेवर जब्त किए हैं, जिनकी बाजार कीमत करीब एक करोड़ सैंतालीस लाख रुपए आंकी गई है।
फिलहाल पुलिस इस गिरोह के बाकी फरार सदस्यों की सरगर्मी से तलाश कर रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!