मधुसूदनगढ़ हादसे के बाद गरमाई सियासत
गुना जिले के मधुसूदनगढ़ स्थित शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय के जर्जर भवन का एक हिस्सा ढहने के बाद छात्र संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि प्रशासन की उदासीनता के कारण बड़ा हादसा हो सकता था।
गौरतलब है कि बीते रविवार को इस कन्या माध्यमिक विद्यालय का एक कक्ष भरभराकर गिर गया था। राहत की बात यह रही कि रविवार का दिन होने के कारण स्कूल में छात्राएं और शिक्षक मौजूद नहीं थे, अन्यथा एक बड़ा हादसा घटित हो सकता था।
सालों से दी जा रही थी जर्जर भवन की शिकायत
स्कूल स्टाफ का आरोप है कि भवन की दयनीय स्थिति को लेकर पिछले चार-पांच सालों से लगातार संबंधित विभागों को लिखित शिकायतें भेजी जा रही थीं। अधिकारियों को जर्जर हो चुके कमरों से होने वाले खतरे के बारे में पहले ही आगाह कर दिया गया था, इसके बावजूद जिम्मेदारों ने समय रहते कोई सुध नहीं ली।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं के मुताबिक, जिले में लगभग 200 ऐसे स्कूल भवन चिन्हित किए गए हैं जो अत्यधिक जर्जर हालत में हैं और कभी भी ढह सकते हैं। इस संबंध में इसी साल 7 अप्रैल और 24 जून को भी प्रशासन और शिक्षा विभाग को लिखित रूप से अवगत कराया गया था।
JCB लेकर पहुंचे कार्यकर्ता और मिला आश्वासन
प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कार्यकर्ता अपने साथ जेसीबी मशीन लेकर एमएलबी स्कूल के पास पहुंच गए। उनका कहना था कि यदि प्रशासन के पास जर्जर भवनों को गिराने के लिए संसाधन नहीं हैं, तो वे खुद मशीन लेकर आए हैं।
विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस के साथ-साथ एसडीएम शिवानी पांडे और तहसीलदार मयंक तिवारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों और कार्यकर्ताओं से लंबी चर्चा की तथा आगामी दो सप्ताह के भीतर जर्जर भवनों पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!